India

News Relating to India

धार से बदलेगी देश की किस्मत !

बाड़मेर के पश्चात् धार के रेगिस्तान में पुनः मिला तेल का बहुत बड़ा भण्डार ।यहीं तक सीमित नहीं बल्कि अब जोधपुर-नागोर की धरती भी उगल सकती है तेल।विगत समय लखनऊ विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने जोधपुर और नागोर में ऐसे जीवाश्म खोज निकाले हैं, जिनमें तेल के अकूत भण्डार समाहित होने की अत्यंत प्रबल संभावनाएं हैं।ये जीवाश्म ठीक खाड़ी देशों में मिले जीवाश्म जितने ही प्राचीन हैं।इस भूगर्भ विज्ञान के सर्वे ने देश के लिए नई आशा उत्साह का संचार किया है। 

"कैंसर "से कैंसर का इलाज संभव (घबरायें नहीं, सभी गांठे नहीं होती कैंसर) ! : डॉ.डी.एस.संधु

 कैंसर का नाम आज दुनिया में कौन नहीं जानता !कैंसर एक ऐसे असाध्य रोग के लिए जाना जाता है,जिसमें प्रायः रोगी की देर -सबेर मृत्यु होना निश्चित है। कभी - कभी लोग वर्षों तक बेखबर इससे जुझते रहते हैं ।तो कुछ लोग इस बीमारी का नाम सुनते ही,घबराकर असमय दुनिया से अलविदा हो जाते हैं ।

बिहारी बाबू होंगे पटना साहब से कॉग्रेस के प्रत्याशी !

दिल्ली:शनिवार को पटना सांसद और फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी इस पार्टी को उसके स्थापना दिवस के मौके पर पार्टी के इस महोत्सव को करारा झटका देते हुए आज अलविदा करते हुए कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला की मौजूदगी मेंदेश की सबसे पुरानी पार्टी कॉग्रेस में शामिल हो गए।भाजपा को उसके स्थापना दिवस के मौके पर जौर का झटका देकर कॉग्रेस की सदस्यता जैसे ही ग्रहण की तो सारी अटकलें दूर करते हुए कॉग्रेस की पट्टी गले में पहनाकर गर्म जोशी से अभिनंदन करते हुये पटना साहिब से अपना प्रत्याशी बनाते हुए भाजपा प्रत्याशी रवि शंकर के साथ ही अपनी परमपरिक सीट पर शत्रुध्न सिन्हा अब उसी पार्टी के लिए मुसीबत बनने जा रहे हैं जिससे वो अभी सांसद हैं।

भाजपा स्थापना दिवस पर शत्रुध्न सिन्हा ने छोड़ी भारी मन से भाजपा !

शनिवार को भारतीय जनता पार्टी सांसद और फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी इस पार्टी को उसके स्थापना दिवस के मौके पर पार्टी के इस महोत्सव को करारा झटका देते हुए आज अलविदा करते हुए कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला की मौजूदगी में देश की सबसे पुरानी पार्टी कॉग्रेस में शामिल हो गए। 

सर्व प्रथम महिला मताधिकार दिलाने में केट शेफर्ड का महत्वपूर्ण योगदान !

दिल्ली :वर्तमान आम चुनावों में महिलाएं पुरुषों से अधिक मतदान करने का कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। एक समय ऐसा भी था जब महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं था। महिलाओं को मतदान करने का अधिकार देने वाला दुनिया का सर्व प्रथम देश न्यूजीलैंड है। न्यूजीलैंड सरकार के अनुसार 28 नवंबर, 1893 को न्यूजीलैंड ने महिलाओं को पहली बार मतदान करने का अधिकार दिया था। महिलाओं को यह अधिकार दिलवाने में केट शेफर्ड नाम की एक सोशल एक्टिविस्ट ने बड़ी भूमिका निभाई थी। केट ने 1891, 1892 और 1893 में वोटिंग के लिए आंदोलन किये थे। काफी संघर्षों और प्रदर्शन के बाद न्यूजीलैंड की सरकार को केट की मांगे पूरी करनी पड़ी और इसी तरह वहां की महिलाओं को मतदान करने का अधिकार मिला गया।आजादी से पूर्व वर्ष 1920 में ब्रिटिश काल के अधीन भारत में केंद्रीय विधानसभा के सदस्यों के चुनाव हुए। इन चुनावों में इम्पीरियल विधानसभा परिषदों व प्रांतीय परिषदों का गठन हुआ था। वर्ष 1924, 1926 व 1930 तक के इन आम चुनाव में महिलाओं का मताधिकार नहीं था।

Pages