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सोनोग्राफी लिंग परीक्षण प्रतिबंधित आदेश पारित

अशोकनगर : जिला मजिस्ट्रेट आर.बी.प्रजापति द्वारा अशोकनगर जिले में लिंग परीक्षण, भ्रूण हत्या के प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किए जाने संबंधी आदेश पारित किया गया है। आदेश में उल्लेख किया गया है कि जिले में लिंग परीक्षण, भ्रूण हत्या, सोनोग्राफी को प्रतिबंधित एवं नियंत्रित करने तथा सतत निगरानी रखने से अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो रहे हैं। जिले में लिंग परीक्षण रोकने की कार्यवाही की जाना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही कुछ और स्तरों पर भी प्रभावी कार्यवाही की जाना आवश्यक है। जिससे समेकित कार्यवाही के माध्यम से अपेक्षित एवं और बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकें।अंतरिम आदेश के तहत अशोकनगर जिले के चिकित्सा व्यवसाय करने वाले समस्त चिकित्सक, जिले में संचालित समस्त अस्पताल/नर्सिंगहोम/क्लीनिक के प्रबंधक एवं स्वामी, समस्त थोक दवा विक्रेता तथा फुटकर दवा विक्रेताओं दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 135 के अंतर्गत आदेश का पालन करना आवश्यक है। कलेक्टर न्यायालय अशोकनगर के समक्ष 18 फरवरी 201

स्वान फ्लु तथा संचारी रोगों पर केन्द्रित कार्यशाला संपन्न

अशोकनगर:जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने स्थनीय होटल राजश्री में स्वान फ्लू एवं संचारी रोगों के संबंध में एक कार्यशाला आयोजित की गई।यह कार्यशाला शासकीय एवं निजी चिकित्सकों,शिक्षकों एवं पत्रकार और मीडियाकर्मियों, एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए सम्मलित रूप से स्वान फ्लु तथा संचारी रोगों पर केन्द्रित  एक दिवसीय कार्यशाला रविवार दोपहर लगभग 12 बजे से आरम्भ की जिस

एसआईटी 1984 के दंगों की फिर से कर सकती है जांच

नई दिल्ली:सिख विरोधी दंगे1984 की दोबारा जांच करने के लिएकेद्र सरकार द्वारा नियुक्त एक समिति ने विशेष जांच बल (एसआईटी) गठित करने की सिफारिश की है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि समिति के प्रमुख सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस (सेवानिवृत) जी पी माथुर ने विगत सप्ताह अपनी रिपोर्ट केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को सौंप दी है। अपनी रिपोर्ट में उन्होंने सिख विरोधी दंगों की पुन: जांच एसआईटी से करवाने की सिफारिश की है।सूत्रों ने बताया कि इस आश्य की घोषणा सात फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनावों के बाद हो सकती है क्योंकि इस वक्त राष्ट्रीय राजधानी में आचार संहिता लगी हुई है। इससे पहले, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सभी सिख विरोधी दंगों की फिर से कराने की मांग की थी।जस्टिस नानावती आयोग ने पुलिस द्वारा बंद 241 मामलों में से महज 4 मामलों की फिर से जांच करवाने की सिफारिश की थी। हालांकि, भाजपा की मांग थी की बाकी के 237 मामलों की भी फिर से जांच होनी चाहिए।अभी यह पता नहीं चल पाया है कि जस्टिस माथुर ने अपनी रिपोर्ट

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