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मच्छर काटने से नहीं होगा डेंगू !

देश में से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया को पूरी तरह से खत्म करने भारत सरकार ने 2027 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए जबलपुर के आईसीएमआर(इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) के एनआईआरटीएच(सेंटर नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर रिसर्च इन ट्राइबल हेल्थ) में अनुसंधान आरम्भ हो गया है।

देश के इकलौते पांच सितारों वाली रैंक एवं 'उत्कृष्ट नेतृत्व'के धनी मार्शल अर्जन सिंह का निधन!

भारत-पाकिस्तान युद्ध 1965 के दौरान भारतीय वायुसेना का नेतृत्व करने वाले मार्शल अर्जन सिंह का शनिवार शाम निधन हो गया। वह 98 वर्ष के थे। अर्जन सिंह देश के इकलौते ऐसे वायुसेना अधिकारी थे, जो पदोन्नत होकर पांच सितारों वाली रैंक तक पहुंचे थे। यह रैंक थलसेना के फील्ड मार्शल के बराबर होती है। उन्हें शनिवार सुबह दिल का दौरा पड़ने पर सेना के रिसर्च एंड रेफरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।

ओशो की असली वसीयत खोजेगी पुलिस !

 ओशो ट्रस्ट के कोष से जुड़ी कथित धोखाधड़ी और अनियमितता की जांच मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक बड़ा निर्देश दिया है। मंगलवार को एक इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग संबंधी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) को भी प्रतिवादी बनाने का निर्देश दिया।2016 में पुणे के योगेश ठक्कर ने विगत वर्ष पुलिस में मामला दर्ज करवाया था कि ओशो इंटरनेशनल फाउंडेशन के ट्रस्टियों ने ओशो की वसीयत में उनके हस्ताक्षर में धोखाधडी की है।

महिला पत्रकार की किताब में रामदेव के राज !

देश में इस वक्त बाबाओं -बापूओं के कुकर्मों को लेकर आये दिन नए नए स्केण्डल सामने आ रहे है,इससे प्रतीत होता है कि जैसा इनके भक्तगण इनको भगवान के तुल्य समझते हैं। किन्तु यह वास्तविक जीवन में यह इसके विपरीत कदाचरण में लिप्त पाए जा रहे है।अब एक महिला पत्रकार प्रियंका पाठक नारायण एक ऐसे पॉवरफुल शख्स का पर्दाफ़ाश करने जा रही है जो वर्तमान में देश विदेश में अपनी एक अलग ही ब्रांड (पहचान)बना चुका है। इसके खिलाफ बात करना यानी कि बैठे बिठाए अपने ऊपर आफ़त बुलाना ही होगा। परन्तु यह सब जानते हुए भी इस पत्रकार साथी की हिम्मत को दाद देंना होगी कि उन्होंने अथक परिश्रम करके ‘गॉडमैन टू टाइकून’नामक पुस्तक लिखी है। 

महिला पत्रकार की किताब ने खोले रामदेव के राज !

दिल्ली : जिस तरह धीरूभाई अम्बानी के कारनामों पर लिखी किताब ‘द पोलियस्टर प्रिंस’ देश  के बुक स्टाल्स से गायब हो गई। उसी तरह बाबा रामदेव पर लिखी गई नई किताब ‘गॉडमैन टू टाइकून’ भी बाजार से जल्द लापता हो सकती है। 

कई साल से बाबा रामदेव पर रिसर्च कर रहीं  अंग्रेजी पत्रकार प्रियंका पाठक नारायण ने इस किताब में बाबा के वो भेद खोलें हैं जो पतंजलि के समर्थकों को स्वीकार नहीं  होंगे। प्रियंका कहती हैं कि इस किताब के लिए सबूत जुटाते  वक़्त उन्हें ऐसा महसूस हुआ किया कि हादसे बाबा का लगातार पीछा कर रहे थे। उनके फर्श से अर्श तक पहुँचने के सफर में हादसों का अहम किरदार है।

न जाने क्यों जिस गुरु से बाबा रामदेव  कुछ भी गुर सीखते वो ही गुरु उनकी अद्भुत जीवन यात्रा से गायब हो जाता है। बहरहाल इससे पहले की ये किताब गायब हो, आइये इसमें किये गए  खुलासों पर गौर करें।

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