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सावित्री देवी की स्मृति में जिला चिकित्सालय में नेत्र परीक्षण शिविर !

अशोकनगर:रेडक्रास सोसायटी के सहयोग से पेंशनर ऎसोसिएशन के तत्वावधान में पेंशनर अमर सिह रघुवंशी की धर्मपत्नी सावित्री देवी की स्मृति में जिला चिकित्सालय में नेत्र परीक्षण शिविर लगाया गया। इसमें नेत्र रोग विशेषज्ञ डा.अभिलाश ने 270 रोगियों की आंखों की जांच की। 40 से अधिक मोतियाबिंद के रोगियों को लैंस प्रत्यारोपण के लिए भर्ती किया गया।शिविर का शुभारंभ जिला कोषालय अधिकारी डी.के चौरसिया के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामवीर सिंह रघुवंशी, सिविल सर्जन डॉ. एसएस छारी,ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ डीके जैन, रेडक्रास सोसायटी के जिलाध्यक्ष हरवंश लाल जुनेजा,पेंशनर एसोसिएशन जिला अध्यक्ष बच्छराज अग्रवाल, अमरसिंह रघुवंशी, रघुवीर सिंह रघुवंशी, इन्दरचन्द जैन पेंशनर एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्यगण जिला चिकित्सालय स्टाफ उपस्थित था।डॉ शर्मा रहेंगेजिला चिकित्सालय में पदस्थ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.

लाला लाजपत की मूर्ति को भाजपाई "दुपट्टा",पहनाने की विपक्षियों ने की निंदा!

नई दिल्ली:बुधवार को नामांकन भरने से पूर्व भारतीय जनता पार्टी की सीएम पद की उम्मीदवार किरण बेदी ने अपने रोड शो के दौरान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की मूर्ती को भाजपा का दुपट्टा पहना दिया। पार्टी के चुनाव चिन्ह कमल के निशान वाले इस दुपट्टे के बेदी द्वारा पहनाए जाने के बाद विवाद पैदा हो गया है।बेदी रोड़ शो में अपने प्रशंसकों के साथ रोड शो में नामांकन भरने जा रही थी। तभी लाला लाजपत की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचीं। बेदी ने पहले अपने गले में पड़े पार्टी के निशान वाले दुपट्टे से मफलर से प्रतिमा का चेहरा पोंछा और फिर मूर्ती के गले में डाल दिया। जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। केजरीवाल सहित कई पार्टियों ने बेद की इस हरकत की निंदा की है।वहीं आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने न कहा कि भाजपा कम से कम स्वतंत्रता सेनानियों को तो बख्श दे। स्वतंत्रता सेनानी सभी पार्टियों के हैं।केजरीवाल के साथ ही आप नेता आशुतोष ने कहा कि आजादी की लड़ाई के वक्त आरएसएस नेता घरों में छिपे थे और

बेदी के भाजपा में शामिल होने से अन्ना हुए नाराज !

पुणे:भारत की प्रथम ;महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी के भाजपा(भारतीय जनता पार्टी ) में शामिल होने से गांधीवादी अन्ना हजारे खुश नहीं हैं। वह इतने नाराज हैं कि बेदी का फोन तक नहीं उठा रहे हैं।सूत्रों के अनुसार, अन्ना इस बात से नाराज हैं कि बिना उनसे विचार विमर्श कर किरण बेदी राजनीति के अखाड़े मे कूद पड़ीं। गुरूवार को भाजपा मे शामिल होने के बाद से ही बेदी हजारे को फोन कर रही हैं, लेकिन वह उनका फोन नहीं उठा रहे हैं।सूत्रो ने बताया कि बेदी ने शनिवार रात और रविवार सुबह भी अन्ना को फोन किया, परन्तुउन्होने कोई जवाब नहीं दिया। शुक्रवार को अन्ना ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा में शामिल होने से पहले किरण बेदी ने उनसे कोई चर्चा नहीं की थी। साथ ही उन्होंने बताया कि पिछले एक साल से वह (बेदी) उनके गाव रालेगांव सिद्धी नहीं आई और न ही इस दौरान कोई बात की।उल्लेखनीय है कि उन्होंने आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई

नकवी में जरा भी नैतिकता हो तो दें पद से इस्तीफा -आजम खान

 

लखनऊ : केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी पर निशाना साधते हुए उप्र के काबीना मंत्री आजम खान ने कहा कि नकवी में जरा भी नैतिकता होती तो वह अब तक पद छोड़ चुके होते। आजम खां ने नकवी को लेकर मोदी से यह भी सवाल किया, "क्या जिस मंत्री को क्रिमिनल एक्ट में सजा मिली है, वह केंद्र के कैबिनेट में रहने योग्य है ? क्या उससे इस्तीफा नहीं मांगा जाना चाहिए ? " आजम ने कहा कि केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी में जरा भी नैतिकता है तो वह रामपुर आने से पहले इस्तीफा दे दें।" उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री नकवी को रामपुर की एक अदालत ने बुधवार को आचार संहिता के उल्लंघन के एक मामले में एक वर्ष कैद की सजा सुनाई थी। बाद में उन्हें जमानत भी मिल गई।आजम खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया, "क्या मोदी जी यह बताएंगे कि वह राजनीति में स्वच्छता के लिए भी काम करेंगे? क्या वह ऎसे कृत्य करने वाले अपने सांसदों व मंत्रियों के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे ?"

 

युवा हो रहे नशे का शिकार !

दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली  में युवा नशे का शिकार होते जा रहे हैं। युवा अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा शराब में खर्च कर रहे हैं। हाल में किए गए एक सर्वे में खुलासा हुआ है शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों से मामूली जुर्माना वसूलकर उन्हें छोड़ दिया जाता है। इनमें से कुछ लोग रिश्वत देकर बच भी जाते हैं।यह सर्वे विगत दिनों कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकन ड्राइविंग यानी कैड नामक संस्था ने किया है। कैड के संस्थापक प्रिंस सहगल के अनुसार 25 वर्ष से कम आयु वाले लोगों को शराब बेचने पर सख्ती से पाबंदी लगाई जाए तो सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या में अवश्य ही कमी आएगी। उनका कहना है कि शराब न पीने वाले अधिकतर लोगों का ऎसा ही मानना है। गौरतलब है कि देश में सड़क दुर्घटना में प्रतिवर्ष एक लाख 38 हजार लोगों की जान जाती है। इस आंकड़े में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की संख्या अच्छी खासी है।कम उम्र में शराब की लत के बढ़ने का एक कारण यह भी है कि यहां पब अथवा दुकान पर शराब खरीदते समय कभी किसी से आयु प्रमाणपत्र क

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