अंडरब्रिज निर्माण हादसे में आईओडब्ल्यू मृत !

अशोकनगर: रविवार को गुना-बीना रेलखंड पर अशोकनगर जिले में पिपरई के पास रेलवे गेट नंबर 29 पर अंडर ब्रिज निर्माण के दौरान मिट्टी धंसकने से एक आईओडब्ल्यू की मौत हो गई है। वहीं 18 मजदूर घायल हुए हैं।गुना-बीना रेलखंड पर अंडरब्रिज निर्माण के दौरान हुए हादसे के पश्चात फिलहाल रेलवे ने अंडर ब्रिज निर्माण को रोक दिया है।रेलवे प्रशासन ने गड्ढे को मिट्टी भरकर समतल कर दिया गया है। जिसके उपरांत ही शाम 6.45 तक रेलवे यातायात बहाल किया जा सका। अंडरब्रिज निर्माण के लिए निर्माण स्थल के पास के गांव देसाईखेड़ा तथा गजरांटांका के मजदूरों को लगाया गया । जिन्हें रविवार सुबह 4.00 बजे ठेकेदार का आदमी काम के लिए बुलाकर ले गया था। रेलवे ट्रेक भी 6.50 बजे से बंद करवा दिया गया था।रविवार को निर्माण के दौरान करीब 18 मजदूरों को गड्ढे में उतारा गया था। वहीं भोपाल से आए सीनियर सेक्शन इंजीनियर एमके जैन तथा कुछ मजदूर ऊपर खड़े थे। करीब 11.15 बजे अचानक जेसीबी के हेड टकरा जाने से मिट्टी धंसक गई और ऊपर खड़े रेलवे के आईओडब्ल्यू मिट्टी के साथ गड्ढे में गिर गए। मिट्टी और गिट्टी में दब जाने से जैन की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। वहीं 18 मजदूर घायल हो गए। मौके पर एसपी तरूण नायक, रेलवे पुलिस के एएसआई बीएल राजपूत, पिपरई थाना पुलिस सहित, आरपीएस इंटेलीजेंस बीना से असलम भाई सहित रेलवे के अधिकारी पहुंच गए।आक्रोशित  सुरक्षा के नहीं थे इंतजाम -एक मजदूर  ने बताया कि साइट पर महिला-पुरूष मिलाकर 35-36 मजदूर काम कर रहे थे। सभी मजदूर देसाईखेड़ा, गजराटांड़ा चक्क के बंजारे हैं। उनकी सुरक्षा के साइट पर कोई इंतजाम नहीं थे।गड्ढे में उतरे मजदूरों को हेलमेट भी नहीं दिया गया था। ट्रेक की गिट्टी और  मिट्टी धसकने की संभावना के बावजूद मजदूरों के गड्ढे में उतारकर मशीनें चलवा दी गई। इस संबंध में मौके पर मौजदू रेलवे के अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया, परन्तु  वे जवाब देने से बचते रहे।ग्रामीणों  ने बरसाए पत्थर- हादसे के पश्चात मौके पर पहुंचे आक्रोशित  ग्रामीणों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। जिसके चलते मशीनों के ऑपरेटर मशीनों को वहीं छोड़कर भाग गए। ग्रामीणों का आरोप है कि मशीन ऑपरेटरों ने मदद करने और दबे हुए लोगों को नहीं निकाला और मौके से भाग गए। वहीं ऑपरेटर अमित कुमार का आरोप है कि गांव वालों के पत्थर बरसाने लगे, जिसके कारण काम करने वालों को भागना पड़ा।

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