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कोरोना का क्योर संभव घबराइये नहीं !

अशोक नगर : आज हमारे देश ही नहीं बल्कि सारी दुनिया में जिधर भी देखो उधर ही एक ही चर्चा बस वो है कोरोना वायरस की।तो क्यों न समय रहते दोस्तों इस ज्वलंत समस्या पर हम भी बैठकर कुछ सार्थक बातें कर ही लें।हमारे देश में कोरोना वायरस कोई एकाएक अभी नहीं आया है,यह तो कितने ही समय से व्याप्त है।इतना ही नहीं हमारे यहाँ तो एक नहीं कोरोना वायरस भी चार प्रकार के है:-1.229 अल्फ़ा कोरोना वायरस 2. NL 63 अल्फ़ा कोरोना वायरस 3. OC 43 वीटा कोरोना वायरस 4. HKU1 वीटा कोरोना वायरस ।यह चारों प्रकार के कोरोना वायरस कितने ही समय से हमारे देश में कितने ही लोगों में शरीर में प्रवेश करके रह रहे हैकिन्तु आज तक यह देखने सुनने में नही आया है कि इन कोरोना वायरसों के कारण किसी भी व्यक्ति की मौत हो गई हो या यूज़ कोई गंभीर रूप से तकलीफ महसूस होती हो ।इतना ही नही जिन लोगों के शरीर में यह उक्त कोरोना वायरस रह रहे हैं उन्हें भी इसका मालूम तक नही है।किन्तु आजकल जिस कोरोना वायरस की बात हो रही है वो एकदम नये किस्म का कोरोना वायरस है जिसका नाम है CO –VID19 या फिर कुछ लोग इसे 2019-n cov के नाम से परिचित हैं।यह कोरोना वायरस एकदम बिल्कुल नये तरीके का अत्यंत सूक्ष्म वायरस है। जो समुद्री जीवों से फैलता हुआ, अब एक जीव से दूसरे जीव में प्रवेश करते हुये दुनिया के तमाम देशों में अपनी दस्तक देने के साथ ही अत्यंत तीव्रता से फैलकर दुनिया भर में अभी तक लगभग एक लाख लोगों को अपने संक्रमण का शिकार बना चूका है । कोरोना वायरस (सीओवी)के कहर से जनधन की सबसे अधिक हानि चीन में देखने में आ रही है ।यह कोरोना अत्यंत सूक्ष्म वायरस है किन्तु यह बहुत ही खतरनाक रूप से प्रभावी है। कोरोना वायरस मानव के बाल की तुलना में 900 गुना छोटा है, फिर भी इसका संक्रमण दुनिया भर में तेजी से फ़ैल रहा है। यह कोरोना वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था। यही से इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है। जो भी इस कोरोना वायरस के संपर्क में आकर इसके संक्रमण के शिकार होते हैं।यह उनके श्वसनतंत्र को प्रभावित करता हुआ जान तक ले लेता है। विशेषकर बाल्यएवं शिशु और वृद्ध जन तथा जो लोग शारीरिक रूप से कमजोर होते हैं और कतिपय कारण के चलते उनके शरीर की प्रतिरोधक शक्ति क्षीण होती है उनके लिए यह जानलेवा सिद्ध होताहै ।यह कोरोना वायरस बहुत ही कमजोर किस्म का वायरस है जो सिर्फ ठण्ड में जीवित रहता है,तथा 33से 35से.तापमान पर ख़त्म हो जाता है ।इसलिए कोरोना का हमला विशेषकर सर्दी के मौसम में और ठंडी जगह के लोगों पर अधिक घातक होता है ।अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है।कोरोना को किया इमर्जेंसी घोषित :- इसे अब तक चीन से बाहर 73 देशों में कोरोना वायरस के कई मामलों की पुष्टि हुई है इन देशों में थाईलैंड, ईरान, इटली, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैंविश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) पहले ही इसे इमर्जेंसी घोषित कर चुका है तकरीबन 18 वर्ष पूर्व सार्स वायरस से भी ऐसा ही खतरा बना था 2002-03 में सार्स के कारण पूरी दुनिया में 700 से अधिक लोगों की मौत हुई थी पूरी दुनिया में हजारों लोग इससे संक्रमित हुए थे इसका असर आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ा थास्वास्थ्य अधिकारियों के लिए इसे फैलने से रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है हालांकि, चीन इसे रोकने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा हैइसे दुनिया भर में कोरोना वायरस के केस लगातार सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्लूएचओ ने कोरोना वायरस को अंतर्राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है।श्वसन तंत्र को करता है प्रभावित :-कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है. इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना हैइसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है।कोई सा भी कोरोना हो घबराएँ नही संभव है इलाज :- मेरे प्यारे देश वासियों आपको कोरोना से घबराने की आवश्यकता नही है बस कुछ सावधानियों को अपनाना है।किसी भी व्यक्ति को यदि कोई भी प्रकार का कोरोना वायरस का संक्रमण हुआ है तो उसको एक सामान्य सा अनियन (onion) जिसका वैज्ञानिक नाम एलियम सेपा (allium cepa)है। यानि की प्याज जो हमारे घरों में तमाम तरह से उपयोग की जाती है। यह शल्क कंदीय सब्जी है, जिसके कन्द सब्जी के रूप में उपयोग किए जाते हैं। कन्द तीखा होता है।इसमें केलिसिन और रायबोफ्लेविन (विटामिन बी) पर्याप्त मात्रा में होता है। इसमें 11 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट होता है और इसकी गंध एन-प्रोपाइल-डाय सल्फाइड के कारण आती है। यह पदार्थ पानी में घुलनशील अमीनों अम्लों पर एन्जाइम की क्रिया के कारण बनता है। यही कारण है कि प्याज को काटने पर ही आँसू आते हैं। हम प्याज का सलाद एवं सब्जी के रूप में तो उपयोग करते ही हैं, यह एक बेहतरीन औषधि भी है। यह तीखापन एक वाष्पशील तेल एलाइल प्रोपाइल डाय सल्फाइड कारण होता है। प्याज का उपयोग सब्जी, मसाले, सलाद तथा अचार तैयार करने के लिए किया जाता है। कन्द में आयरन, कैल्शियम, तथा विटामिन ‘ए’ विटामिन’बी’6 विटामिन ‘सी’ प्रोटीन,सोडियम,पोटेशियम,कार्बोहाइड्रेट आदि पाया जाता है। कन्द तीखा, तेज, बलवर्धक, कामोत्तेजक, स्वादवर्धक, क्षुधावर्धक तथा महिलाओं में रक्त वर्धक होता है। पित्तरोग, शरीर दर्द, फोड़ा, खूनी बवासीर, तिल्ली रोग, रतौंधी, नेत्रदाह, मलेरिया, कान दर्द तथा पुल्टिस के रूप में लाभदायक है। अनिद्रा निवारक (बच्चों में), फिट (चक्कर) में सुंघाने के लिए उपयोगी। कीड़ों के काटने से उत्पन्न जलन को शान्त करता है वर्षों से घरों में इसे आयुर्वेद में बताये तरीकों से बहुत अधिक औषधी के रूप में इस्तेमाल कर वैध- हकीम अपने मरीजों को ठीक करते चले आ रहे है।किन्तु शायद किसी को यह नहीं मालूम की जो कोरोना वायरस का इलाज मंहगे से मंहगे बड़े से बड़े मल्टीस्पेसिलिस्ट हॉस्पिटल्स में हजारों रुपयों की भेंट चढ़ाने के उपरांत भी नही हो पा रहा और न ही इसके लिए आधुनिक चिकित्सा विज्ञानं कोई उचित वेक्सिन ही इजाद कर पाया है। उसका इलाज हमारे घरों के किचिन में पाए जाने वाले नमक और प्याज में निहित है। यह जीवाणुरोधी, तनावरोधी व दर्द निवारक,मधुमेह नियंत्रक, प्रदाह निवारक, पथरी हटाने वाला और गठियारोधी भी है।तो दोस्तों कोरोना वायरस से ग्रस्त रोगी को ठीक करने के लिए बस हमें इतना करना है की एक दर्मियानी साईज की प्याज को पहले छील कर उसके छोटे छोटे टुकड़े करके उसमें पिसा हुआ देशी नमक मिलकर कोरोना वायरस से पीड़ित मरीज को खिला दें और उसे एक घंटे तक पानी न पीने दें । इसके उपरांत आप मरीज का परीक्षण जहाँ चाहे करलें एकदम निल अथवा नेगेटिव ही आयेगा। अतः घबराने की आवश्यकत नहीं है किसी भी किस्म का कोरोना वायरस क्यों न हो नमक प्याज से पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है ।