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जन समुदाय की प्रभावी सहभागिता ही डेगू नियंत्रण की कुंजी-डॉ.दीपा

अशोकनगर : विश्व डेंगू दिवस16मई को मनाया जाता है। मई माह में विश्‍व डेंगू दिवस मनाने का उद्वेश्य प्री-मानसून माह में डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक करना है। जून माह से बारिश प्रांरभ हो जाती है। जगह-जगह मच्छरों के पनपने के लिए पानी स्त्रोत बन जाते है। जिससे मच्छर पनपने लगते है। मच्छर से फैलने वाले रोग जैसे डेंगू, मलेरिया,चिकुनगुनिया अपने पैर पसारने लगते हैं। इन बीमारियों से बचने का एकमात्र उपाय इनके प्रति जागरूक होना एवं आवश्यक सावधानी रखना है। मच्छर अपने अण्डे पानी में देते है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ.दीपा गंगेले ने बताया कि सावधानी, सुरक्षा एवं उपाय अपनाने से मच्छरजन्य बीमारियों से बच सकतें हैं। गर्मी के प्रारंभ से ही अधिकांश घरों में कूलरों का उपयोग शुरू हो गया। कूलर के पानी को प्रति सप्ताह बदल दें एवं कूलर को साफ करके धूप में सुखा लें। सप्ताह के प्रत्येक रविवार को 1 घंटा अपने घर पर भरे पानी को बदलने के लिए दें। सप्ताह के प्रति रविवार अपने घर में रखें पानी को चेक करे एवं उसे बदलने का कार्य करें। एक सप्ताह में मच्छर के अण्डे लार्वा में बदल जाते है। पानी भर कर न रखे,अति आवश्यकता होने पर उसे अच्छे से ढंक कर रखें।अपने घर के चारों ओर पानी भरा न रहने दें, भरे हुए पानी में प्रति सप्ताह जला हुआ ऑयल ,केरोसीन या खाने का तेल भी डाला जा सकता है। अपने छत पर रखे कबाडे को साफ कर दे। अनावश्यक कंटेनर को उल्टा करके रख दे ,जिससे उसमें पानी का भराव न हो सकें। ध्यान रखे जहां पानी भरेगा वहां लार्वा पनपेगा। प्रति सप्ताह पानी की सफाई करें। मच्छरों से बचने के लिए पूरे आस्तीन के कपडे पहने। अगर आप कही बाहर से आए है, और आपको बुखार आता है तो खून की जांच अवश्य कराएं। डेंगू के लक्षण है तेज बुखार, जी मतलाना, आंखो के पीछे दर्द, मांसपेशियों एवं जोडो में दर्द है। अगर ऐसे लक्षण दिखे, तो तुंरत डाक्टर को दिखाए। ये रोग मच्छर के काटने से फैलते है। मच्छरदानी में सोयें व मच्छरों से बचने के उपाय करें