आँखों का सूखापन कारण और निवारण - डॉ.डी.एस.संधु

आँखों के सूखापन का बचाव कैसे करें - *डॉ.डी.एस.संधु

अशोकनगर : मेरा कल अपने सबसे अच्छे मित्र अभय के घर मिलने जाना हुआ ,अभय का उतरा हुआ चिंतित चेहरा देखकर इस के पीछे का कारण पूछने पर मित्र ने बताया कि उसके इकलौते युवा बेटे की आँखों का पानी सूख गया है। जिसे लेकर शहर के सुप्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास गया था।उसने Moxitak-LP तथा Takfresh दो तरह के आई ड्रॉप्स आँखों में डालने के लिए कहा है।बेटा को बुलाकर उससे आँखों के संबंध में मैंने कुछ बातें पूछते हुए चर्चा की और फिर मित्र के बेटे को उसकी परेशानी के संबंध में अपना मार्गदर्शन देते हुए विदाई लेकर अपने घर आ गया ,किन्तु मन में रह रह कर विचार कौंधता रहा कि मुझे इस पर अपना अलेख लिखना चाहिए जिससे वो तमाम लोग लाभान्वित हो सके जो ड्राय आइ सिड्रोम से परेशान हैं तथा नेत्र रोग विशेषज्ञ की सेवाएँ लेने में असमर्थ हैं। आंखों में सूखापन के लक्षण :- आंखों का सूखापन आमतौर पर दोनों आंखों को प्रभावित करता है। कुछ लोगों में आंखों के सूखेपन के लक्षण शुरुआत में ही नजर आने लगते हैं जबकि कुछ लोगों में ये लक्षण देर से दिखायी देते हैं। समय के साथ आंखों के सूखेपन के ये लक्षण सामने आने लगते हैं जिन्हें निम्न प्रकार से समझा जा सकता है। आंखों में जलन,आंखें लाल होना और चुभना,आंखों में दर्द,आंखों से पतला आंसू निकलना,चिपचिपा म्यूकस निकलना,आंखों में सेंसेशन,कॉन्टैक्ट लेंस पहनने में परेशानी,रात के समय ड्राइविंग में कठिनाई,आंखों से धुंधला दिखायी देना,कभी-कभी कुछ लोगों में तो ऐसे कोई भी लक्षण सामने नहीं आते हैं ,किन्तु अचानक से आंखें बहुत थकी हुई महसूस होती हैं ,जिससे पढ़ने या कंप्यूटर पर काम करने में परेशानी होती है। इस दौरान आँखों में धूल या गंदगी भरी होने का एहसास सा होता है , इतना ही नहीं आँखों में अत्याधिक भारीपन सा भी लगता है। इसके अतिरिक्त भी अन्य लक्षण भी सामने आते हैं :- हवा या धुएं के प्रति आंखों का सेंसिटिव होना,आंखें खुली रखने में कठिनाई,प्रकाश के प्रति संवेदनशील, आंख से दोहरी वस्तु दिखायी देना,ड्राई आई से ग्रस्त कुछ लोगों की आँखों में बहुत तेज दर्द होता है और इसके कारण चिंता, चिड़चिड़ापन और गुस्से का अनुभव होता है , तथा अपने नित्य कार्यों को करनें में कठिनाइयाँ हो सकती हैं। आंखें लाल होना या प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता और दर्द आंखों की रोशनी को प्रभावित भी कर सकते हैं। अपने निजी या नेत्र रोग चिकित्सक से परामर्श कब लें  :-उपरोक्त लक्षणों में किसी भी लक्षण सामने आने के पश्चात आप अपने परिवार के निजी चिकित्सक अथवा नेत्र रोग विशेषज्ञ से मिलें।क्योंकि हर किसी के आंखों पर ड्राई आई अलग प्रभाव डाल सकता है। इसलिए किसी भी परिस्थिति के लिए आप चिकित्सक से बात कर परामर्श जरूर लें। अगर आपकी आंखें लगातार कई दिनों तक लाल रहती हैं अथवा आंखों में दर्द, थकान और बेचैनी महसूस होती है तो तुरंत नेत्ररोग विशेषज्ञ के पास जाना चाहिए। देर करने से आंखों का सूखापन गंभीर हो सकता है।आंखों में सूखापन क्यों होता है:-आंखों का सूखापन एक सामान्य समस्या है जो तब होती है जब आंखों में आंसू नहीं बनते हैं , जिससे आंखों की नमी समाप्त हो जाती है। आंखों में पर्याप्त आंसू कितने ही कारणों से नहीं बनते हैं।जब यह आँखों नहीं बनते हैं तब आंखों में दर्द, बेचैनी, लालिमा और चुभन जैसी समस्याएं होती हैं। आमतौर पर एयर कंडीशन रुम, बाइक चलाते समय, एयरोप्लेन में और कुछ घंटों तक लगातार कम्यूटर स्क्रीन पर देखने के कारण आंखों में आंसू की मात्रा कम हो जाती है। घबरायें नहीं इलाज से बहुत आसानी से आंखों का सूखापन दूर किया जा सकता है। इसलिए इसकी समय रहते चिकित्सा जरूरी है। इसके भी कुछ लक्षण होते हैं,जिसे ध्यान देने पर आप इसकी प्रारंभिक स्थिति को समझ सकते हैं। आंखों का सूखापन होना कितना सामान्य है:-आंखों का सूखापन एक सामान्य सी परिस्थिति है। ये पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं पर अधिक हावी होतीहै।इसे ध्यान पूर्वक देखें समझें तो दुनिया में लाखों लोग आंखों के सूखेपन से पीड़ित हैं। वैसे तो आंखों का सूखापन किसी भी उम्र में किसी भी व्यक्ति, यहां तक की एक स्वस्थ व्यक्ति को भी हो सकता है। किन्तु यह समस्या बूढ़े लोगों में अधिक पायी जाती है। साथ ही कुपोषित लोगों और शरीर में विटामिन ए की कमी वाले लोगों को भी आंखों का सूखापन हो सकता है। यह ध्यान रखें की आंखों से पानी आने की भी समस्या भी हो सकती है। आंखों से पानी आने की परेशानी को दूर करने के लिए दवा की आवश्यकता पड़ सकती है। आँखों के लिए यह भी अत्यंत महत्वपूर्ण:- सौंफ-मिश्री,बादाम,हरि साग सब्जियां ,गाजर,चुकंदर,शलजम तथा मौसमी मीठे पके ताजे स्थानीय फलों को अपने प्रतिदिन के आहार में शामिल करें होसके तो सुबह सुबह हरिदूबा में नंगे पैर घूमें फिरें अपने पेट को दुरस्त रखें पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पीयें,सुबह मुँह धौने के समय अपने मुँह में पानी भरकर रखेंऔर अपने नेत्रों में ठंडे पानी के छींटे मारते हुये अपनी आँखों को घुमायें जिससे आँखों से संबंधित नेत्रों के तमाम रोग भी ठीक होंगे साथ ही साथ नेत्र ज्योति भी प्रबल होगी। मेदा से निर्मित खाद्य पदार्थ तथा फास्ट फूड आदि के सेवन करने से बचें।अधिक जानकारी के लिए अपने पास के सरकारी चिकित्सालय में जाकर नेत्र रोग चिकित्सक से भी संपर्क करना उचित रहेगा । यदि मेरी दी यह जानकारी किसी के लिए कुछ हद तक उपयोगी साबित होती है तो निश्चित ही मेरा यह प्रयास सार्थक सिद्ध होगा।