युवा हो रहे नशे का शिकार !

दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली  में युवा नशे का शिकार होते जा रहे हैं। युवा अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा शराब में खर्च कर रहे हैं। हाल में किए गए एक सर्वे में खुलासा हुआ है शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों से मामूली जुर्माना वसूलकर उन्हें छोड़ दिया जाता है। इनमें से कुछ लोग रिश्वत देकर बच भी जाते हैं।यह सर्वे विगत दिनों कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकन ड्राइविंग यानी कैड नामक संस्था ने किया है। कैड के संस्थापक प्रिंस सहगल के अनुसार 25 वर्ष से कम आयु वाले लोगों को शराब बेचने पर सख्ती से पाबंदी लगाई जाए तो सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या में अवश्य ही कमी आएगी। उनका कहना है कि शराब न पीने वाले अधिकतर लोगों का ऎसा ही मानना है। गौरतलब है कि देश में सड़क दुर्घटना में प्रतिवर्ष एक लाख 38 हजार लोगों की जान जाती है। इस आंकड़े में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की संख्या अच्छी खासी है।कम उम्र में शराब की लत के बढ़ने का एक कारण यह भी है कि यहां पब अथवा दुकान पर शराब खरीदते समय कभी किसी से आयु प्रमाणपत्र की मांग नहीं की जाती। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक स्थलअथवा भी जगह कार खड़ी कर शराब पीने वालों की भी जांच नहीं की जाती है। देर रात को पब से निकलने के पश्चात सड़कों पर लापरवाही से गाडियां चलाने वालों की जांच नहीं की जाती है।सर्वे केअनुसार , दिल्ली में 84 प्रतिशत लड़के तथा  64 प्रतिशत लड़कियां 18 वर्ष की उम्र पूरी होने से पूर्व ही शराब के आदी हो जाते हैं। जबकि दिल्ली में शराब खरीदने के लिए कानूनी रूप से न्यूनतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए। सर्वे में सामने आया है कि 34 प्रतिशत युवा एवं  28 प्रतिशत युवतियां सप्ताह में दो से चार बार शराब पीते हैं। यह भी पता चला है कि राजधानी के 44प्रतिशत लड़के एवं  24 प्रतिशत लड़कियां शराब पर प्रतिमाह 4000 से 8000 हजार रूपये तक खर्च करते हैं।