अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब दूसरों का अपमान नहीं - पोप फ्रांसिस

फिलिपींस:;पोप फ्रांसिस ने कहा कि अभिव्यक्ति की सीमा की एक सीमा होती है, खासकर जब वह किसी और के धर्म का मजाक या अपमान करे। पोप ने यह बात गुरूवार को अपने विशेष विमान से फिलिपींस जाते हुए पत्रकारों से पेरिस में हुए आतंकी हमले के संबंध में कही।हालांकि, पोप ने कहा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रा न सिर्फ एक मौलिक अधिकार है, अपितु अपनी बात रखने की जिम्मेदारी भी होती है। लेकिन, इसकी भी एक सीमा होती है। आप किसी और के धर्म का अपमान नहीं कर सकते, न ही आप किसी को उकसा सकते हो।पेरिस पर हुए आतंकी हमले की निंदा करने वाले पोस से पत्रकारों ने धर्म मानने की आजादी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच रिश्तों को लेकर सवाल पूछा था। इसपर पोर ने कहा कि मेरा मानना है कि यह दोनों बाते मौलिक अधिकार हैं।श्रीलंका से फिलिपींस जाते हुए पोप ने कहा कि हर व्यक्ति को अपना धर्म मानने का अधिकार है, ठीक उसी तरह अभिव्यक्ति की आजादी भी एक मौलिक अधिकार है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं की आप दूसरे धर्म का अपमान या मजाक उड़ाएं।

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