वैज्ञानिकों ने खोजा तीसरा "डीएनए"

लंदन: मेलेनेसिया आइसलैंड में वैज्ञानिकों ने एक नई चीज का पता लगाया है। इसके मुताबिक मेलेनेसिया आइसलैंड पर रहने वाले लोगों में एक ऐसा डीएनए भी हो सकता है जो दुनिया ने कभी नहीं देखा। इसका मतलब प्राप्त हुआ डीएनए का सैंपल दो प्राचीन डीएनए (नीनडेर्थल और डेनिसोवान्स) के प्रकारों से बिल्कुल मेल नहीं खाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि हो सकता है कि यह डीएनए का प्रकार एकदम अलग हो। इससे पहले कभी ऐसी बात नहीं की गई है। पारंपरिक डीएनए से  मेल नहीं:-  डीएनए पर सतत अध्ययन करने वाले एक वैज्ञानिक बोलेंडर का मानना है कि हम तो फिलहाल यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह जो डीएनए है वो पारंपरिक डीएनए के प्रकार 'नीनडेर्थल और डेनिसोवान्स' से किस तरह मेल खाता है। अभी हम डीएनए के इतिहास को ध्यान में नहीं रख रहे हैं, जो सामने है उसका पता लगाने में जुटे हैं।बोलेंडर ने बताया 'हालांकि अभी प्रारंभिक स्तर पर हम प्राचीन डीएनए के आसपास भी नहीं है। इससे ऐसा लगता है कि जो डीएनए हमारे सामने है उसका पता इससे पहले नहीं लगाया गया है। ऐसा कोई प्रमाण मिला भी नहीं है। डीएनए के मामले में एक सामान्य जानकारी यह है कि करीब एक लाख साल पहले अफ्रीका से कुछ लोग यहां आए और बस गए। इसके बाद योरप और आसपास के क्षेत्रों में उन्होंने रहना शुरू किया।'बोलेंडर ने कहा 'अध्ययन के दौरान हमने पाया है कि 'नीनडेर्थल' (डीएनए का एक प्राचीन प्रकार) का इतिहास और प्राप्त हुए तथ्यों में कुछ अंतर हो सकता है। कारण कि समय के साथ कई बातें अलग होती जाती है। ऐसे में हो सकता है कि इसका कनेक्शन प्राप्त हुए डीएनए के साथ निकल भी आए या फिर कुछ भी नहीं मिले। अभी एकदम इस बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं है।'डीएनए की  तीसरी प्रजाति :- यह कुछ बातें हैं जिनके आधार पर बोलेंडर मानते हैं कि डीएनए की यह तीसरी प्रजाति हमारे सामने हो सकती है। अभी तक इस बारे में कभी बात नहीं हुई है। अगर यह सही है तो तीसरा प्रकार सामने होगा। चूंकि अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में यह सच हो भी सकता है और नहीं भी।बोलेंडर ने बताया 'केवल कुछ दांत, हड्डियां और खो चुके तथ्य ही प्राप्त हुए हैं। लेकिन महज इसके आधार पर यह नहीं कहा जा सकता है कि यह एक अलग प्रजाति का डीएनए है। हमारे पास अभी ऐसा कोई सबूत नहीं है। केवल कुछ प्रारंभिक स्तर पर प्राप्त हुए बिंदु हैं। मगर किसी बात को साबित करने के लिए वो नाकाफी हैं।'अपने प्राप्त सूत्रों के अनुसार मेलेनेसिया आइसलैंड के निवासियों में ऐसा ही डीएनए देखा गया है। यह साउथ पेसिफिक, नॉर्थईस्ट ऑस्ट्रेलिया का क्षेत्र है। यहां रहने वालों में ऐसा डीएनए देखा गया है।