एसआईटी 1984 के दंगों की फिर से कर सकती है जांच

नई दिल्ली:सिख विरोधी दंगे1984 की दोबारा जांच करने के लिएकेद्र सरकार द्वारा नियुक्त एक समिति ने विशेष जांच बल (एसआईटी) गठित करने की सिफारिश की है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि समिति के प्रमुख सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस (सेवानिवृत) जी पी माथुर ने विगत सप्ताह अपनी रिपोर्ट केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को सौंप दी है। अपनी रिपोर्ट में उन्होंने सिख विरोधी दंगों की पुन: जांच एसआईटी से करवाने की सिफारिश की है।सूत्रों ने बताया कि इस आश्य की घोषणा सात फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनावों के बाद हो सकती है क्योंकि इस वक्त राष्ट्रीय राजधानी में आचार संहिता लगी हुई है। इससे पहले, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सभी सिख विरोधी दंगों की फिर से कराने की मांग की थी।जस्टिस नानावती आयोग ने पुलिस द्वारा बंद 241 मामलों में से महज 4 मामलों की फिर से जांच करवाने की सिफारिश की थी। हालांकि, भाजपा की मांग थी की बाकी के 237 मामलों की भी फिर से जांच होनी चाहिए।अभी यह पता नहीं चल पाया है कि जस्टिस माथुर ने अपनी रिपोर्ट में कितने मामलों की फिर से जांच करवाने की बात कही है। 241 मामलों में से महज 4 मामलों को फिर से खोलकर उनकी जांच सीबीआई ने की थी। जांच के बाद सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें से एक मामले में एक पूर्व विधायक सहित पांच लोगों को सजा सुनाई गई थी।उल्लेखनीय है कि 31 अक्टूबर 1984 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख सुरक्षाकर्मियों द्वारा हत्या करने के बाद पूरे देश में सिख विरोधी दंगें भड़क उठे थे।3 हजार 325 पीडितों में से 2 हजार 733 लोगों की हत्या सिर्फ दिल्ली में ही कर दी गई थी, जबकि बाकी के पीडित हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों से थे।