उमा भारती सहित मोदी मंत्री मंडल से 6 मंत्रियों के इस्तीफे !

दिल्ली अपनी टीम इंडिया में पी एम नरेंद्र मोदी बदलाव करने जा रहे हैं। किन्तु इस मंत्री मंडल में फेरबदल का दिन और तारीख अहम है, क्योंकि 6 से 19 सितंबर के बीच श्राद्ध और पितृ पक्ष रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान सभी तरह के शुभ काम वर्जित रहते हैं। ऐसे में कैबिनेट विस्तार के समय शायद इस पहलू पर भी पीएम मोदी का ध्यान रहेगा। इसके पूर्व मोदी मंत्रिमंडल का 9 नवंबर, 2014 एवं 5 जुलाई, 2016 को विस्तार किया गया था। राष्ट्रपति शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के दौरे पर हैं। तिरुपति दर्शन के बाद वह शनिवार को लौटेंगे। प्रधानमंत्री रविवार को चीन यात्रा पर जाएंगे। बहुत मुमकिन है कि पीएम इससे पूर्व कैबिनेट विस्तार कर दें।ब्रिक्स से पूर्व हो सकता है विस्तार:-ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन रवाना होने वाले हैं। इससे पूर्व वो अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। इस विस्तार के चलते जहां राजीव प्रताप रूडी, फग्गन सिंह कुलस्ते और उमा भारती सहित 6 मंत्रियों के इस्तीफे मांग लिए गए हैं। इस्तीफे पर प्रश्न किए जाने पर उमा भारती ने कहा कि मैंने इससे जुड़ा सवाल नहीं सुना और ना सुनुंगी साथ ही कोई जवाब नहीं दूंगी।जबकि राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि पार्टी का निर्णय हुआ की आप इस्तीफा दें, यह बिल्कुल सामान्य है। सरकार में काम करने का मौका मिला, आगे भी पार्टी में काम करने का मौका मिले बस इसी अभियान के साथ चलते हैं। वहीं संजीव बालियान ने कहा कि पार्टी ने इस्तीफा मांगा तो दे दिया। इनके हुए इस्तीफे:- जल संसाधन मंत्री उमा भारती, कलराज मिश्र, महेंद्रनाथ पांडेय, कौशल विकास और राजीव प्रताप रुडी, संजीव बालियान और फग्गन सिंह कुलस्ते सहित सात ऐसे मंत्री शामिल हैंजिनके इस्तीफे अभी तक मोड़ो केबिनेट से हो चुके हैं । वहीं रेल मंत्री सुरेश प्रभु पहले ही इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं।इनका हो सकता भार हल्का:-प्राप्त सूत्रों के अनुसार कई-कई मंत्रालयों का काम देखने वाले कुछ अन्य मंत्रियों के भी भार हल्के होंगे ऐसे रुझान हैं । इनमें से प्रमुख हैं नरेंद्र सिंह तोमर, स्मृति ईरानी, और हर्षवर्द्धन। ईरानी तथा तोमर वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बन जाने के उपरांत उनके छोड़े मंत्रालयों को भी संभाल रहे हैं। कुछ मंत्रियों के विभाग भी परिवर्तन किये जा सकते हैं।वहीं जिन राज्यों में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां से मंत्रियों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे राज्यों में कर्नाटक सबसे आगे है। मंत्रिमंडल से बाहर होने वाले कुछ नेता राज्यपाल भी बनाए जा सकते हैं। इनमें कलराज मिश्र का नाम सबसे ऊपर है। कलराज को बिहार का राज्यपाल बनाए जाने की चर्चा है।