चालीस वर्ष बाद दूसरे विमान से जर्मन पहुंचा अपहृत विमान!

 

बर्लिन: जर्मनी का विमान1977 में सफर पर निकला किन्तु शनिवार को चालीस वर्ष पश्चात् वापस जर्मनी पहुंचा है। यदि कोई सोचे कि यह दुनिया का चक्कर लगा रहा था तो यह एक दम से गलत सिद्द होगा।यह विमान1977 में जर्मन एयरलाइंस लुफ्थांसा की फ्लाइट (एलएच 181) को स्पेन से जर्मनी के लिए उड़ान भरने के आधे घंटे उपरांत ही अपहृत कर लिया था।उसे सोमालिया की राजधानी मोगादिशु ले जाया गया। कुछ घंटों बाद जर्मन कमांडो ने उसे अपहरणकर्ताओं से छुड़ाया।डोर्नियर संग्रहालय में रखा जायेगा:- यह क्षतिग्रस्त विमान 40 साल बाद अब दो बड़े रूसी विमानों की मदद से जर्मनी वापस लाया गया है। बोइंग 737 मॉडल के लैंडशट नामक इस विमान को डोर्नियर संग्रहालय में रखा जाएगा।सोमालिया में उतारा :-आतंकियों के प्रमुख महमूद ने पायलट को विमान साइप्रस ले जाने को कहा, लेकिन अपर्याप्त ईंधन के कारण रोम में उतारकर ईंधन भरना पड़ा। इसके बाद साइप्रस के लानार्का में ईंधन भराया। फिर बहरीन, दुबई, यमन के अदन और फिर 17 अक्टूबर को सोमालिया के मोगादिशु में विमान को उतारा गया।आतंकियों के रिहाई की मांग:-आतंकी जर्मनी में बंद दस साथियों और तुर्की में बंद दो साथियों की रिहाई चाहते थे। 1.5 करोड़ डॉलर भी मांगे थे। तत्कालीन पश्चिमी जर्मन सरकार ने उनकी मांग मानी और 18 अक्टूबर तक का वक्त मांगा।बहादुरी से बचाए यात्री इस बीच जर्मनी की खास कमांडो यूनिट जीएसजी-9 के 30 कमांडो भी मोगादिशु पहुंच गए। उन्होंने ऑपरेशन फियुअरजॉबर चलाकर बड़ी ही बहादुरी से 18 अक्टूबर को तीन आतंकी मारकर विमान को आजाद कराया। एक आतंकी पकड़ा गया, एक क्रू सदस्य की मौत हुई और चार यात्री घायल हुए।फोर्टलिजा में खड़ा था विमान:-लुफ्थांसा ने घटना के कुछ सप्ताह बाद विमान को ठीक कर दोबारा इस्तेमाल करने लायक बनाया। 1985 में उसे अमेरिका की प्रेसिडेंशियल एयरवेज को बेच दिया। वहां से यह इंडोनेशिया की ट्रांसस्माइल एयरवेज के पास पहुंचा और फिर ब्राजील की टीएएफ लिन्हास एरियाज ने उसे खरीदा। 2008 से रिटायर होने के बाद से यह ब्राजील के फोर्टलिजा में खड़ा था। इस साल जर्मन विदेश मंत्रालय ने इसे खरीदा। 23 सितंबर को दो बड़े रूसी विमानों आईआई-76 और एएन-124 से इसके हिस्से शनिवार को जर्मनी के फाइडेरिकशफेन शहर लाए गए।रेड आर्मी फैक्शन के आतंककियों ने किया अपहरण:-13 अक्टूबर, 1977 को लैंडशट ने सुबह स्पेन के पाल्मा डि मैलोर्का से जर्मनी के फ्रैंकफर्ट के लिए उड़ान भरी। विमान में पांच क्रू सदस्यों के अलावा 86 यात्री सवार थे। आधे घंटे बाद चार हथियारबंद आतंकियों ने उसे हाईजैक कर लिया। ये जर्मनी के रेड आर्मी फैक्शन नामक संगठन के आतंकी थे। इनमें दो फलस्तीनी और दो लेबनानी थे।

 

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