शहीदे आज़म भगत सिंह के 110 वे जन्म दिन पर हुए अनेकों कार्यक्रम !

 

अशोकनगर : युवा शक्ति के प्रेरणा स्त्रोत देश की आज़ादी में अपना सर्वस्य निछावर करने वाले महान विचारक शहीद -ए -आज़म सरदार भगत सिंह का 110 वा जन्मदिन अशोकनगर जिले में विभिन्न संगठनों ने अपने अपने बैनर झंडों के साथ अलग अलग स्थानों पर आयोजित किए गए। जन्म दिन से दो दिन पूर्व ही छात्र संगठन डीएसओ ने स्थानीय अम्बेडकर पार्क से शाम के अँधेरे में हाथों में जलती हुईं मोमबत्तियों के साथ एक केंडल मार्च निकल जो शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ अपने गंतव्य स्थान सुभाषगंज में पहुंचकर एक सभा मे तब्दील हो गया। जिसमें डीएसओ तथा उससे जुड़े अन्य संघटन के लोगों ने अपने विचार व्यक्त किये। जिसमे प्रमुख्य रूप से सुरेंद्र रघुवंशी,सचिन जैन आदि ने शहीदे आजम पर अपने विचार व्यक्त किये।आईवायसीए (इयुका)ने की विचार गोष्टी :- भारतीय नौजवान सांस्कृतिक संघ (इयुका)ने अपने संस्थापक तथा नौजवानों के प्रेरणा स्त्रोत शहीदे आजम भगत सिंह के 110वे जन्म दिन के अवसर पर 27 सितम्बर को अपने राष्ट्रीय संचालक डॉ.डी.एस.संधु के निवास पर विचार गोष्ठी रखी गई। जिसमे संघठन के तमाम साथियों की उपस्थिति में जिला अध्यक्ष अभय खेर ने अपने विचार रखे। गोष्ठी में राष्ट्रीय संचालक डॉ.संधु ने शहीदे आज़म की नज़्म से अपनी बात शुरू करते हुए अंत में बताया की भगत सिंह के नाम से अंग्रेजी हुकूमत इतनी घबरा गई थी की 24 तारीख को फांसी देने के स्थान पर एक दिन पूर्व ही 23 मार्च1931 को फांसी दे दी गई। जब उनसे अंतिम इच्छा पूछी गई तो उन्होंने एक हाथ ऊपर उठाते हुए रुकने का इशारा किया और कहा कि "एक क्रांतिकारी से दूसरे क्रांतिकारी को मिलने का समय दिया जाए "उस समय भगत सिंह लेनिन की जीवनी वाली किताब पढ़ रहे थे,कुछ देर बात किताब को ऊपर उछालकर फांसी के फंदे की तरफ भगत सिंह,राजगुरु,सुखदेव देश के तीनों अमर शहीद गाते हुए चल दिए -"माय मेरा रंग दे वसंती चौला, माय रंग दे वसंती चौला....इंकलाब जिन्दावाद"। खालसा कमेटी ने निकली बाइक रैली:- शहीदे आज़म भगत सिंह के 110 वे जन्म दिन के असवसर पर 28सितम्बर को खालसा कमेटी ईसागढ़ ने स्थानीय चुंगीनाका से एक बाइक रैली शुरूकर नगर की प्रमुख रोड से होते हुए ईसागढ़ के गुरुद्वारे पहुँच कर एक सभा में परणित हो गई। जहाँ पर आमंत्रित अतिथियों तथा कमेटी के लोगों ने अपने विचार परगट किये और गुरु का लंगर भी उपस्थित जानो को बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ कराया गया। इसके अतिरिक्त कुछ अन्य संगठनों ने भी शहीदे आज़म सरदार भगत सिंह को अपने अपने दृष्टिकोण से यादकरते हुए जन्म दिन पूरे उत्साह से मनाया।

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