एकीकृत बाल विकास परियोजना और महिला सशक्तिकरण का होगा विलय।

 

भोपाल:मप्र सरकार महिला एवं बाल विकास विभाग के दोनों संचालनालय एकीकृत बाल विकास परियोजना और महिला सशक्तिकरण को फिर से एक करने जा रही है। अधिकारीयों ने मैदानी स्तर पर समन्वय की कमी को आधार बनाकर यह प्रस्ताव बनाकर तैयार किया है।जिसे शासन स्तर पर शीघ्र ही कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।दो संचालनालय होने से बढ़ीं समस्याएँ :-सरकार का विभाग में दो संचालनालय बनाने का अनुभव अच्छा नहीं रहा है।प्राप्त सूत्रों की माने तो इन पांच वर्षों में महिला सशक्तिकरण का परफॉर्मेंस अच्छा नहीं रहा। इसे छुपाने के लिए सरकार दोनों संचालनालयों को फिर एक करना चाहती है। विभाग के वरिष्ट अधिकारी बताते हैं कि पांच वर्ष में पूरक पोषण आहार व्यवस्था दुरस्त होने की बजाय समस्याएं बढ़ गई हैं। मैदानी स्तर पर समन्वय की कमी दिखाई देने लगी है।नई व्यवस्था से भी नहीं बदली व्यवस्था:-पूरक पोषण आहार व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए वर्ष 2012 में एकीकृत बाल विकास परियोजना और महिला सशक्तिकरण के अलग-अलग संचालनालय बनाए गए थे। तब अफसरों का तर्क था कि दो संचालनालय होंगे तो मैदानी स्तर पर जिम्मेदारी बंटेगी और पूरक पोषण आहार व्यवस्था में सुधार आएगा। हालांकि नई व्यवस्था से सिर्फ विभाग के सौ सहायक संचालकों को फायदा हुआ। उन्हें उप संचालक के पद पर पदोन्न्ति दे दी गई।काम समय से नहीं होते :-दोनों संचालनालय से अलग-अलग निर्देश जारी होने से मैदानी स्तर पर अफसर और कर्मचारियों में समन्वय नहीं बन पा रहा है। वे अपने-अपने संचालनालय की बात करते और मानते हैं। इस कारण काम समय से पूरे नहीं हो रहे हैं।कैबिनेट में रखेंगे मामला:-जेएन कंसोटिया, प्रमुख सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि मैदानी स्तर पर समन्वय की कमी को देखते हुए इस पर विचार कर रहे हैं। शीघ्र ही मामला कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।संचालनालय पर्यावास भवन से वात्सल्य भवन में पहुंचेगा:-दोनों संचालनालयों को एक करने के उपरांत विभाग का संचालनालय वात्सल्य भवन में लगेगा। प्रस्ताव में इसका उल्लेख किया गया है। फिलहाल महिला सशक्तिकरण संचालनालय पर्यावास भवन में लगता है।

Tags: