सांसों की बू संकेत है शरीर में गंभीर रोगों का होना- डॉ.डी.एस.संधु

अशोकनगर :आप माने या न माने किन्तु यह एकदम सत्य है कि प्रकृति ने हमारे शरीर को इस प्रकार से बना है कि जब भी हमारे शरीर में कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्यायें होने लगती हैं तो हमारा शरीर उसके बारे में अविलम्ब संकेत किसी न किसी रुप में देता हैं। हमारे शरीर के संकेतों को यदि थोड़ा सा ध्यान पूर्वक देखा जाये तो समय रहते बीमारी को डिटेक्ट कर सकते हैं। ऐसी ही कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं जो कि सांस की बदबू के संकेतों से पहचानी जा सकती है। सांस की बदबू से आप यह समझ सकते हैं कि आपके शरीर को किसी बीमारी ने जकड़ा है। ऐसी ही कुछ बीमारियाँ है जो कि सांस की बदबू का कारण बनती है। यदि साँस की बदबू को आप समय पर पहचान ले तो आप बीमारी का इलाज कराकर अपने स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं। 1.मसूढों की बीमारी:-2012 में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि खराब सांस के लिए पेरंडोन्टीस और जिन्जवाइटिस के बीच एक सीधा संबंध है। मुंह में मौजूद बैक्टीरिया के कारण मरीज परेशान होते हैं।इस प्रकार से सांस की बदबू का एक प्रमुख्य कारण है मसूढों का बीमारी से ग्रस्त होना । 2.पेट का कैंसर :-सांस को जांचने की तकनीकी नैनोअरे एनालिसिस ईजाद की गई है जो कि कैंसर से जुड़े कुछ कम्पाउंड्स के स्तर की पहचान करती है। एक रिसर्च ने 500 लोगों के सांसों के नमूने लिए जिन्होंने टेस्ट से पहले 12 घंटे फास्ट रखा और कम से कम तीन घंटे स्मोकिंग नहीं की। 90 प्रतिशत लोगों में पेट का कैंसर डायग्नोज हुआ।सांस को जांचने की तकनीकी नैनोअरे एनालिसिस ईजाद की गई है जो कि कैंसर से जुड़े कुछ कम्पाउंड्स के स्तर की पहचान करती है।3.ह्रदय(हार्ट ) आघात :- सांस में बदबू क्या कहना चाहती हैं। ह्रदय रोग से पीड़ित मरीजों को पहचानने के लिए एक सामान्य ब्रेथ टेस्ट अक्सर शोधकर्ता करते हैं।4.डायबिटीज(मधुमेह ):-अगर किसी व्यक्ति के शरीर में शरीर अपर्याप्त इंसुलिन उत्पन्न होता है तो डायबिटीज अर्थात मधुमेह नामक बीमारी हो जाती है । इससे शरीर का फैट जलता है जिससे कैटोंस में बढ़ोत्तरी होती है। शरीर यूरिन और लंग्स से कैटोंन्स के जरिए शरीर से कैटोंस को मिटाने की कोशिश करती है। इससे सांस में बदबू पैदा होती है।5. लिवर(यकृत ) डिसीज:-यदि किसी व्यक्ति को लिवक अर्थात यकृत की बीमारी होती है तो,उसे सांस की बदबू से परेशान होना कोई नई बात नहीं है। लिवर डिस्ऑर्डर के कारण सांसों में बदबू होना फेटोर हेपटिकस भी कहलाता है।जो की सांसों में बदबू पैदा होने के प्रमुख कारणो में से एक है।6.एलर्जी :-यह अक्सर देखने में आता है कि जिन लोगों को एलर्जी की परेशान होती है। उनको सांस की बदबू महसूस करते हैं साथ ही साथ गले में खुजली, आंखों में पानी और बहती नाक आने की परेशानी भी होती है।7.एलर्जी :-यह अक्सर देखने में आता है कि जिन लोगों को एलर्जी की परेशान होती है। उनको सांस की बदबू महसूस करते हैं साथ ही साथ गले में खुजली, आंखों में पानी और बहती नाक आने की परेशानी भी होती है। 8.किडनी(गुर्दा) फैल होना :- शोधकर्ताओं ने पाया कि मेटाबॉलिक चेंजेस के कारण मुंह का सूखना, सलाइवा कम होना और टेस्ट का सेंस बदलने जैसी चीजें होती है।सांस की बदबू इस तरफ स्पष्ट इशारा भी करती है कि किडनी(गुर्दा) फैल हो सकती है।

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