एड्स रोगियों के लिए "निवोलुमैब" आशा की किरण

लंदन : फ्रांस के चिकित्सकों के सामने ऐसा एक केस आया है।जिसमें कैंसर के इलाज में प्रयोग होने वाली दवाओं से एचआइवी संक्रमित कोशिकाएं भी खत्म हो सकती हैं। फेफड़े के कैंसर से पीड़ित 51 वर्षीय मरीज को दिसंबर 2016 के बाद से 14 दिनों के अंतराल पर निवोलुमैब(ओपडिवो)नामक दवा का इंजेक्शन दिया गया। यह दवा पीडी-1 प्रोटीन को अवरुद्ध कर कैंसर से शरीर का बचाव करती है। कैंसर से पीड़ित यह शख्स 1995 से ही एचआइवी संक्रमण का भी शिकार था। 120 दिनों तक चले इलाज के बाद डॉक्टरों ने पाया कि मरीज के शरीर में मौजूद एचआइवी संक्रमित कोशिकाओं की संख्या घट रही है।एचआइवी संक्रमण दूर करने में उपयोगी :-पेरिस हॉस्पिटल के डॉक्टर जीनफिलिप स्पैनो के अनुसार यह अभी तक का पहला केस है। इसलिए हमें सावधान रहना चाहिए। पुराने मामलों में इस तरह का कोई प्रभाव नहीं दिखा था। एचआइवी संक्रमित कोशिकाओं में आई कमी मरीज के जीन या प्रतिरोधी क्षमता की वजह से भी हो सकती है। इसके बावजूद डॉक्टर मान रहे हैं कि इससे एचआइवी संक्रमण के रोकथाम में मदद मिल सकती है।यदि ऐसा दूसरे अन्य रोगियों में इस प्रकार का परिणाम मिलता है तो यह एड्स पीड़ितों के लिए एक आशा की किरण होगी।

 

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