सिंधिया का अजय तिलिस्म नहीं तोड़ पाये मामा और उनके सेनापति !

 

शोकनगर:शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मतगणना सुबह 8 बजे से प्रारंभ हुई। मतगणना हेतु 14 टेबल लगाई गई थी तथा 19 रांउडों में मतगणना का कार्य संपन्न हुआ। मतगणना का कार्य कराने के लिए सुपरवाइजर गणना सहायक और माइक्रो आर्ब्जबर नियुक्त किए गए थे। भाजपा -कांग्रेस में रहा प्रमुख रूप से मुकाबला :-कांग्रेस के विधायक महेंद्र सिंह कालूखेड़ा के निधन के बाद खाली हुई सीट पर विधानसभा क्र. 034 मुंगावली उप चुनाव में वैसे तो 10 निर्दलियाँ सहित यहां 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, जिसमें मुख्य मुकाबला भाजपा की बाई साहब यादव और कांग्रेस के बृजेंद्र सिंह के बीच था। मुंगावली में हुआ 77.05 प्रतिशत मतदान:-24 फरवरी को हुए इस उप चुनाव के दौरान यहां 1 लाख 91 हजार 9 मतदाताओं में से 1लाख 47 हजार 64 नें मताधिकार का उपयोग किया था। इसमें 80677 पुरूष है और 66487 महिलाएं हैं। मुंगावली में 77.05 फीसद मतदान हुआ था। कांग्रेस ने मुंगावली उपचुनाव में 2124मतों से जीत दर्ज की है। मतगणना के पहले दौर में भाजपा ने अपनी बढ़त का सिलसिला 266 मतों की बढ़त के साथ शुरू किया था। जो महज दूसरे दौर में ही कांग्रेस ने रोक दिया और 174 मतों की बढ़त के साथ निरंतर बढ़ाते हुए अपनी विजय यात्रा को अंत तक ले जाने में कामयाब रही। कांग्रेस उम्‍मीदवार को 70808 और भाजपा को 68684 वोट मिले। नोटा मतों की संख्या 2253 रही।अंतिमराउंड में एक ईवीएम की सील टूटी होने पर आपत्ति भी दर्ज करवाई गई थी। कांग्रेस ने यहां 2124 वोटों से जीत दर्ज की।मतगणना के 19 दौर इस तरह हुए संपन्न :-पहले राउंड में भाजपा को 3913 जबकि कांग्रेस को 3647, दूसरे राउंड में भाजपा को 2998 और कांग्रेस को 3295, तीसरे राउंड में भाजपा को 2950 जबकि कांग्रेस को 4157, चौथे राउंड में भाजपा को 3483 जबकि कांग्रेस को 3442, पांचवे राउंड में भाजपा को 3440 और कांग्रेस को 3911,छठे राउंड में भाजपा को 3900, कांग्रेस को 4205, सातवे राउंड में भाजपा को 3300, कांग्रेस को 4783 और आठवे राउंड में भाजपा को 3341 और कांग्रेस को 2894, नौवे राउंड में कांग्रेस को 3658 और भाजपा को 2799 मत प्राप्त हुए हैं। नौवे राउंड की मतगणना के बाद कांग्रेस को 33992 और भाजपा को 30124 मत प्राप्त हुए हैं।आठवे राउंड की मतगणना के बाद कांग्रेस प्रत्याशी को 30334 और भाजपा प्रत्य़ाशी को 27325 ,बारहवे राउंड में भाजपा को 3988 और कांग्रेस को 3700,तेरहवें राउंड के बाद कांग्रेस को 3494 और भाजपा को 4554,सोलहवे राउंड के बाद भाजपा को 3453 और कांग्रेस को 3937, सत्रहवे राउंड में कांग्रेस को 3739 और भाजपा को 4025,अठाहरवे राउंड में कांग्रेस को 3537 और भाजपा को 3321 मत प्राप्त हुए हैं। पांचों राउंड की मतगणना के बाद भाजपा प्रत्याशी को 16784 जबकि कांग्रेस को 18452 मत प्राप्त हुए। सातवे राउंड की मतगणना के बाद कांग्रेस को 27839 जबकि भाजपा को 24005 मत प्राप्त हुए हैं। 1553 लोगों ने नोटा का प्रयोग किया हैा सीएम का नहीं चला  जादू :-अशोकनगर जिले एवं मुंगावली के चुनाव पर यदि ध्यान दिया जाये तो एक बात स्पष्ट रूप  से सामने आती  है कि अशोकनगर जिले में तीन विधान सभा क्षेत्र हैं। और इन में से अशोक नगर को छोड़कर शेष चंदेरी और मुंगावली विधान सभाएँ कांग्रेस के पास है। विशेष रूप से ध्यान देनेवाली बात यह है कि जिले के जिस क्षेत्र में म. प्र. के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 2013 के विधान सभा चुनाव में अपनी पार्टी का प्रचार करने आये थे उन- उन स्थानों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। वहीं कुछ भ्रान्तियों के चलते वह अशोकनगर नहीं आये और यहीं से भाजपा के गोपीलाल जाटव हारते -हारते बमुश्किल बहुत ही कम मतों से अपनी इज्जत बचाते हुए विजयी हो पाए थे। जबकि जाटव अपने परम्परिक गढ़ शाढ़ौरा से बहुत ही बुरी तरह परास्त हुए थे। मजे की बात तो यह है कि जिले में उस समय अपनी चुनावी यात्रा का प्रवेश इसी शाढ़ौरा क्षेत्र से किया था। जहां से होते हुए सी एम चौहान नईसराये,ईसागढ़ ,चंदेरी ,पिपरई,मुंगावली,बहादुरपुर आदि में अपनी चुनावी सभाएँ की थी। केवल अशोकनगर किसी अनचाहे र के चलते नहीं आये और यही से गोपीलाल जाटव विधायक बने थे जो वर्तमान में जिले के इकलौते भाजपा विधायक हैं। ऐसा ही इस मुंगावली उप चुनाव में मुंख्यमंत्री चौहान और उनका मंत्री मंडल एवं भाजपा संघठन अपनी एड़ी चोटी का जोर लगाने तथा तमाम लोकलुभावनि घोषणाओं के पश्चात् भी मुंगावली उप चुनाव नहीं जीत सके। इसे क्या कहें क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का लोगों के बीच कायम जादू या फिर मुख्य मंत्री शिवराज चौहान की खोखली घोषणाओं और चुनावी रणनीति का पूर्ण रूप से फैल होना।सेहराई में व्यर्थ रहा मामा का रात रुकना:-म. प्र. में मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं भू मामा इस चनावी दंगल में अपनी तमाम फोज पलटन के साथ पूरे क्षेत्र में घूमते हुए तमाम घोषणाएँ करते हुए कोंग्रेसियों के घर तक जाने में संकोच की ,वरन वह रात्रि विश्राम भी इनके घरों में करते रहे। किन्तु कांग्रेसियों ने इनका अपने घर आतिथ्य तो गर्म जोशी से किया किन्तु मामा की चिकनी चुपड़ी बातों में नहीं आये और अपनी पार्टी के प्रति समर्पित रहे। परिणाम यह हुआ कि जिन मतदान केन्दों पर मामा ने रात विताई तथा सभाएँ की वहीं से भाजपा को हर का सामना करना पड़ा। चाहे पिपरई की बात हो या फिर सेहराई के मतदान केंद्र 75 की बात हो जहां पर कांग्रेस को 362 ,और बी.जे.पी. को मात्र 235 वोट ही मिल सके। इस तरह यहां भाजपा को 127 मतों से हार झेलनी पड़ी। देखा जाये तो जो भी कारण हो मध्यप्रदेश में भाजपा की लोकप्रियता में जोरों से गिरावड़ आई है। इसके लिए यह जरुरी है की यह इन चुनावों में लगातार मिली हा का विश्लेषण करे ,नहीं तो आने वाला समय भाजपा के लिए अत्यंत दुखदाई रहेगा।इससे पहले डाक मतपत्रों की गिनती में 23 डाक मतपत्र भेजे गए थे इनमें से 20 वापस नहीं आए । 3 मतपत्र लौट कर आए उसमें से दो निरस्त हो गए।एक मतपत्र भाजपा को मिला।सत्ता का सेमीफाइनल माने जा रहे उपचुनाव में कांटे का मुकाबला रहा। मुंगावली और कोलारस विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा बरकरार रहा। मुंगावली में कांग्रेस के बृजेन्द्र सिंह यादव ने भाजपा की बाई साहब यादव को 2 हजार 124 मतों को पराजित किया। वहीं, कोलारस में महेंद्र सिंह यादव ने भाजपा के देवेंद्र जैन को 8 हजार 83 वोटों से हराया। उपचुनाव मतगणना नतीजे घोषित :-कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह कालूखेड़ा के निधन से रिक्त हुई मुंगावली सीट के लिए हुए मतदान में 1 लाख 47 हजार 164 मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। इसमें से 70 हजार 808 मतदाताओं ने कांग्रेस के पक्ष में वोट दिए, जबकि भाजपा की बाई साहब यादव को 68 हजार 685 मत मिले। वहीं, कोलारस में कांग्रेस के महेंद्र सिंह यादव को 82 हजार 515 वोट मिले, जबकि भाजपा के देवेंद्र जैन को 74 हजार 432 वोट मिले। यादव ने भाजपा प्रत्याशी जैन को 8 हजार 83 वोटों से पराजित कर दिया। रात नौ बजे जिला निर्वाचन अधिकारी ने नतीजे घोषित किए।सरकार ने प्रचार में लगाई अपनी पूरी ताकत :-इन उप चुनाव प्रचार में भाजपा ने पूरी सरकार लगा दी थी। मुंगावली और कोलारस में न सिर्फ मंत्रियों ने डेरा डाला, बल्कि विधायक और सांसदों की ड्यूटी भी लगाई। सांसद प्रभात झा तो डेरा डालकर रहे और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी शिरकत की। इससे माहौल तो बना पर वो वोट में उस तरह से तब्दील नहीं हो सका, जिसकी उम्मीद भाजपा कर रही थी। वहीं, कांग्रेस से सिंधिया के अलावा दो बार कांग्रेस के सभी बड़े नेता एक साथ नजर आए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव सहित कई विधायक लगातार चुनाव क्षेत्र में सक्रिय रहे। धीमी चली मतगणना:- मध्यप्रदेश में पहली बार किसी चुनाव की मतगणना इतनी धीमी गति से चली। कोलारस और मुंगावली में सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हो गई थी। डाक मतपत्रों की गिनती के बाद इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में डाले मतों की गिनती शुरू हुई। मुंगावली के नतीजे शाम साढ़े 6 बजे के करीब आए, जबकि कोलारस में मतगणना समाचार लिखने तक जारी रही। संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एसएस बंसल ने बताया कि एक-एक वोटिंग मशीन के मतों को गिनने और उससे दोनों पक्षों के संतुष्ट होने के बाद मतगणना आगे बढ़ाई गई। दोनों पक्षों की ओर से कई बार आपत्तियां उठाई गईं, इसकी वजह से समय लगा। एक हजार करोड़ से ज्यादा की घोषणा:-भाजपा और मुख्यमंत्री ने दोनों सीटों को जीतने की हर संभव कोशिश की। दोनों विधानसभा क्षेत्रों में एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की घोषणा की गई। इसको लेकर मुख्यमंत्री को चुनाव आयोग ने भाषण देते वक्त एहतियात बरतने की सलाह भी दी। वहीं, यशोधराराजे सिंधिया की आयोग ने निंदा की तो माया सिंह से जवाब तलब कर लिया। कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन को भी घोषणा करने को लेकर नोटिस थमाया गया। कोलारस में मतदान समाप्त होने के बाद हंगामा हुआ और पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। जीत के अंतर से ज्यादा नोटा में डले वोट:-मुंगावली में कांग्रेस प्रत्याशी ने जितने अंतर से चुनाव जीता, उससे ज्यादा वोट मतदाताओं ने नोटा में डाले। 2 हजार 253 मतदाताओं ने चुनाव मैदान में खड़े सभी उम्मीदवारों को नकारते हुए नोटा में मतदान किया। वहीं, कोलारस में 756 मतदाताओं ने नोटा में मत देकर अपना विरोध दर्ज कराया। कोलारस पिछले चुनावों के नतीजे (वर्ष - जीते--हारे):-2003- ओमप्रकाश खटीक (भाजपा)- अंगूरी देवी (कांग्रेस),2008- देवेंद्र जैन (भाजपा)- रामसिंह यादव (कांग्रेस),2013- रामसिंह यादव (कांग्रेस)- देवेंद्र जैन (भाजपा) सी एम चौहान के तीसरे कार्यकाल में चुनावों के नतीजे ​(सीट--विजयी--हारे):- विदिशा--कल्याण सिंह ठाकुर (भाजपा)- शशांक भार्गव (कांग्रेस),विजयराघवगढ़-- संजय पाठक (भाजपा)--विजय प्रकाश मिश्रा (कांग्रेस),बहोरीबंद--सौरभ सिंह (कांग्रेस)-- प्रणय प्रभात पांडे (भाजपा), आगर-- गोपाल परमार (भाजपा)--राजकुमार गोरे (कांग्रेस), गरोठ--चंदर सिंह सिसोदिया (भाजपा)-- सुभाष कुमार सोजतिया (कांग्रेस) , देवास-- गायत्री राजे पवार (भाजपा)--जयप्रकाश शास्त्री (कांग्रेस), मैहर-- नारायण त्रिपाठी (भाजपा)-- मनीष पटेल (कांग्रेस), घोड़ाडोंगरी--मंगल सिंह घुर्वे (भाजपा)--प्रताप सिंह उइके (कांग्रेस), नेपानगर--मंजू दादू (भाजपा)--अंतर सिंह बर्डे (कांग्रेस), अटेर- हेमंत कटारे (कांग्रेस)-- अरविंद सिंह भदौरिया (भाजपा), बांधवगढ़--शिवनारायण सिंह (भाजपा) -- सावित्री सिंह (कांग्रेस), चित्रकूट-- नीलांशु चतुर्वेदी (कांग्रेस) -- शंकरदयाल त्रिपाठी (भाजपा), मुंगावली-- बृजेंद्र सिंह यादव (कांग्रेस)-- बाई साहब यादव (भाजपा), कोलारस-- महेंद्र सिंह यादव (कांग्रेस) -- देवेंद्र जैन (भाजपा)। मुंगावली विधान सभा के यह रहे विधायक :-1957 .खलक सिंह (हिन्दुमहासभा ),1962 . चंद्रभान सिंह  (सोशलिस्ट पार्टी ) , 1967 चन्दन सिंह यादव (स्वतंत्र पार्टी ), 1972 . गजराम सिं बीलाखेडी(बीजेएस),1977.चंद्रमोहन रावत (जनता पार्टी),1980.गजराम सिंह बीलाखेड़ी (कांग्रेस ),1985 गजराम सिंह यादव (कांग्रेस ),1990. देशराज सिंह यादव (भाजपा),1993. आनंद पालीवाल (कांग्रेस),1998. देशराज सिंह यादव(भाजपा), 2003. गोपाल सिंह चौहान (कांग्रेस), 2008.देशराज सिंह यादव (भाजपा),2013. महेंद्रसिंह कालूखेड़ा (कांग्रेस),2018. बृजेंद्र सिंह यादव (कांग्रेस) से निर्वाचित हुए हैं । सी एम चौहान नहीं भेद पाए सांसद सिंधिया का गढ़ :-कोलारस और मुंगावली विधानसभा के उपचुनाव मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव बन गए थे। यही वजह है कि दोनों ने दिन-रात एक किए। रोड शो और कई सभाएं कीं। आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चला। मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा सामने आया। कोलारस में 13 हजार के करीब मृत, स्थानांतरित और अनुपस्थित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल थे। चुनाव आयोग ने पीठासीन अधिकारियों को इनकी अलग से सूची बनाकर दी ताकि फर्जी मतदान न हो सके। मतदाता सूची में गड़बड़ी के चलते अशोकनगर के कलेक्टर बीएस जामोद को बीच चुनाव में हटाया गया।