देश में नहीं थम रहा मूर्तियां तोड़ने का सिलसिला !

कन्नूर: त्रिपुरा में भाजपा की जीत के बाद 1917 की रूसी क्रांति के नायक व वामपंथ के प्रणेता व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा ढहाने जाने के बाद तमिलनाडु के वेल्लोर में समाज सुधारक इवीआर रामास्वामी 'पेरियार' की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। उसके बाद कोलकाता में भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा तोड़ी गई और उसपर कालिख पोत दी गई और अब गांधी की प्रतिमा को क्षति पहुंचाई गई है।प्रतिमा के बदले प्रतिमा तोड़ने की सियासत उबाल पर है।अतः आवश्यक है कि जितनी जल्दी हो सके इस कुरीति को रोका जाये।वहीं इस में लिप्त लोगो के पीछे छुपे चेहरों की पहचान करके कठोरतम दंड दिया जाये।मूर्ति तोड़ने का सिलसिला नहीं थम रहा:-देश में प्रतिमाएं तोड़े जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। त्रिपुरा में लेनिन की प्रतिमा तोड़े जाने की आग तमिलनाडु के बाद अब यह आग केरल तक जा पहुंची है। जहां कन्नूर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कन्नूर के थालिपरंबा इलाके में कुछ अज्ञात उपद्रवियों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा का चश्मा तोड़ दिया और उसके उपरांत वे वहां से फरार हो गए। यह मूर्ति तोड़ने का मामला सामने आने के पश्चात् स्थानीय पुलिस जांच में जुट गई है।कई प्रतिमाएं तोड़ी ;-अज्ञात लोगों ने तमिलनाडु के चेन्नई के तिरुवोत्तियोर में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर पेंट पोत दिया है।कोलकाता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर कालिख पोतने के मामले में एक महिला समेत 7 गिरफ्तार किये गये हैं। इससे पूर्व अंबेडकर की प्रतिमा को क्षति पहुंचाने की घटना उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से आई थी। यहां मवाना क्षेत्र के एक गांव में अंबेडकर की मूर्ति तोड़कर हिंसा फैलाने की कोशिश की गई। असामाजिक तत्वों द्वारा प्रतिमा खंडित करने की खबर से दलितों में आक्रोश पैदा हो गया। बताया गया कि करीब छह माह पहले भी इसी प्रतिमा को तोड़कर हिंसा फैलाने की कोशिश की गई थी। हालांकि उस दौरान भी पुलिस ने लोगों को समझाकर मामला शांत करा दिया था।प्रतिमा टूटी डीएम-एसएसपी होंगे जिम्मेदार:-देश के कुछ हिस्सों में प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन घटनाओं की निंदा की है। उन्होंने इसके खिलाफ कार्रवाई के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह से बात भी की। गृह मंत्रालय ने बुधवार को एक और एडवाइजरी जारी कर राज्यों को प्रतिमा तोड़े जाने के मामले में सीधे डीएम और एसएसपी को जिम्मेदार ठहराने का निर्देश दिया। यह दो दिनों में गृह मंत्रालय की दूसरी एडवाइजरी है।मूर्ति तोड़ने की घटनाओं पर ; साधा निशाना:-प्रधानमंत्री मोदी प्रतिमा तोड़ने के उपद्रव से खासा नाराज हैं और उन्होंने गृहमंत्रालय से सख्त कार्रवाई करने को भी कहा है। लेकिन प्रधानमंत्री की सख्ती और गृहमंत्रालय के कड़े निर्देश के बावजूद उपद्रवी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं और समाज का माहौल खराब करने की कोशिश में जुटी हैं। संसद में भी उठा मामला:-बुधवार को संसद के दोनों सदनों में भी प्रतिमाओं को तोड़े जाने का मामला उठा। राज्यसभा में सभापति एम वेंकैया नायडू ने ऐसा करने वालों को पागल तक करार दिया। भाजपा ने भी कार्यकर्ताओं को संदेश दिया है कि ऐसा कोई काम न करें। खासतौर पर तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति के साथ हुई घटना को लेकर नेतृत्व नाराज है।चेहरों की पहचान जरुरी;- देश में इस तरह से महान क्रांतिकारी ,अपनी विचार धाराओं के वरिष्ट लोगों की प्रतिमाओं को तोड़कर या नुकसान पहुंचा कर आप उस विचार धरा को कभी भी नष्ट नहीं कर सकते हो ,तब फिर इस तरह का घिनोना कृत्य निश्चित ही आपकी खोखली और भ्रमित मानसिकता का प्रदर्शन मात्र है जो देश की अमन परस्त सह्रदय सअस्तित्व की भावना तथा अस्मिता को नष्ट करने का कुचक्र मात्र दुस्साहस है। इस देश की शांति व्यवस्था को तोड़ने वाली अमानवीय भावना को जितनी शीघ्र हो रोका जाना चाहिए। कंही ऐसा न हो कि इस में देश के दुश्मन हमारी युवा शक्ति को भटका कर फिर से देश को आतंकवाद और अलगाववाद की विभीषका में झौक दें। अतः आवश्यक है कि जितनी जल्दी हो सके इस कुरीति को रोका जाये।वहीं इस में लिप्त लोगो के पीछे छुपे चेहरों की पहचान करके कठोरतम दंड दिया जाये।