परीक्षा देने अब आधार अनिवार्य नहीं -सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली: सीबीएसई की किसी भी परीक्षा को देने के लिए अब पहचान पत्र के रूप में आधार अनिवार्य नहीं होगा, एेसा सुप्रीम कोर्ट ने कहा है। कोर्ट ने कहा है कि अब आधार की जगह आप वोटर आइ कार्ड, बैक पासबुक, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस का उपयोग कर सकेंगे।मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीश की संविधान पीठ ने सीबीएसई को अपनी वेबसाइट पर यह जानकारी अपलोड करने का निर्देश दिया।एमबीबीएस और बीडीएस के लिए सीबीएसई 2018 का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था और इस मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर परीक्षा के लिए आवेदन में आधार को अनिवार्य करने के फैसले को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट पहुंचा आधार के विरुद्ध मामला:- याचिका में कहा गया था कि जब सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई कर रहा है तो आधार को टेस्ट के आवेदन के लिए कैसे अनिवार्य बनाया जा सकता है? बता दें कि एमबीबीएस और बीडीेएस के सीबीएसई नीट 2018 में आवेदन की अंतिम तारीख 9 मार्च है। ऐसे में आवेदन के लिए कुछ ही दिन शेष बचे हैं। लिहाजा आधार की अनिवार्यता के खिलाफ कल ही मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने एेसा आदेश दिया।छात्रों के बीच खुशी :-कोर्ट के इस फैसले से बिहार में मेडिकल की परीक्षा देने के लिए फार्म भरने वाले छात्रों के बीच खुशी देखी जा रही है। जो छात्र आधार की अनिवार्यता की वजह से फॉर्म भरने में असमर्थ हैं, उनके लिए ये बड़ी बात है। मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्र ने बताया कि एेसा आदेश देकर कोर्ट ने हम जैसे छात्रों को राहत दी है। वहीं रजनीश कश्यप ने कहा कि ये फैसला छात्रों के हक में है।पटना में बुक स्टोर कीपर ने बताया किहमारे जैसे कितने ही किताबों की दुकानों पर कई छात्र आते थे जिनका अभी तक आधार किसी कारण से नहीं बन पाया था, उनके लिए ये बहुत बड़ी राहत देने वाली खबर है।