कार्तिक के करिश्मा से भारत ने बांग्ला देश को हरा जीती ट्राई सीरीज !

कोलम्बो : भारत ने बांग्लादेश को 5 विकेट से हराकर निदास टी-20 ट्राई सीरीज की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस मुकाबले में टीम इंडिया की जीत के हीरो रहे दिनेश कार्तिक। विकेटकीपर बल्लेबाज़ कार्तिक ने सिर्फ 8 गेंदों पर नाबाद 29 रन की चमत्कारी पारी खेलकर भारतीय टीम को खिताब का विजेता बना दिया। कार्तिक तो फाइनल मैच में जीत के हीरो रहे। वहीं पांच भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और उन्ही के दम पर भारत ने न सिर्फ फाइनल तक का सफर तय किया वरन खिताब भी जीता।
कार्तिक का करिश्मा:-14 वर्ष का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर वहीं टीम में अंदर और बाहर होने का दर्द, टीम का नियमित खिलाड़ी नहीं बन पाने की टीस। यह सब वो इम्तिहान हैं, जो आज तक दिनेश कार्तिक अपने करियर में देते आ रहे थे। खुद को साबित करना था, खुद के दम पर जीत दिलाने की तमन्ना थी और कार्तिक के लिए रविवार को त्रिकोणीय टी-20 सीरीज के फाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ वो मौका आ ही गया।एक समय हार की दहलीज पर खड़ी भारतीय टीम को दिनेश कार्तिक ने आठ गेंद में नाबाद 29 रन की पारी खेलकर टीम इंडिया ही नहीं प्रेमदासा स्टेडियम में मौजूद श्रीलंका टीम के प्रशंसकों को भी खुशी दे दी। भारत ने बांग्लादेश से मिले 167 रन के लक्ष्य को मैच की आखिरी गेंद पर कार्तिक के छक्के की बदौलत हासिल कर लिया। इसी के साथ उन्होंने वनडे क्रिकेट के एक मुकाबले में भारत के खिलाफ पाकिस्तान के जावेद मियांदाद के लगाए छक्के की याद को भी ताजा कर दिया। मैच की आखिरी 12 गेंद बची थी और भारत को जीत के लिए अभी भी 34 रनों की दरकार थी और भारत के पांच विकेट गिर चुके थे। इसके बाद कार्तिक ने आखिरी के दो ओवरों में विस्फोटक पारी खेलते हुए बांग्लादेश को नागिन डांस करने से महरूम कर दिया।वॉ. सुंदर:-इस सीरीज़ में भारत के लिए सुंदर ने अत्यंत ही सुंदर कामकरते हुए इस टूर्नामेंट में सबसे अच्छी गेंदबाजी की। सुंदर इस टूर्नामेंट में सबसे अधिक 8 विकेट लेने वाले गेंदबाज़ रहे। उन्होंने 5 मैचों में 114 रन देकर सर्वाधिक 8 विकेट लिए हैं । सुंदर के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द सीरीज़ का ख़िताब प्रदान किया गया है । सुंदर की धारदार गेंदबाजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने इस सीरीज़ के दौरान हमेशा ही पावर प्ले में गेंदबाज़ी की और दूसरा ओवर फेंका इसके साथ ही साथ सुंदर ने अधिकाँश मौकों पर टीम को शुरुआती सफलता भी दिलाई।यजुवेंद्र चहल :-युजवेंद्र चहल ने भी वॉशिंगटन सुंदर की तरह ही बेहतरीन गेंदबाज़ी की। हालांकि वो सुंदर के मुकाबले थोड़े महंगे साबित हुए फिर भी उन्होंने बीच के ओवरों में विरोधी बल्लेबाज़ों को हाथ खोलने के मौके नहीं दिए। चहल ने भी इस टूर्नामेंट में 8 विकेट लिए। टीम को जब भी विकेट की जरूरत हुई, चहल ने कामयाबी दिलाकर दिखा दिया कि वो अपने विकेट लेने की काबिलियत के कारण ही टीम इंडिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं।