जियो की बैट्री में हुआ बिस्फोट !

अशोकनगर : ग्लोरी न्यूज़ कार्यालय में आज दोपहर के समय अचानक से जियो फाई थ्री डिवाइस की बैट्री में जोर का धमाका हुआ और देखते -देखते डिवाइस की बैट्री धधकता हुआ आग का गोला बन गई। पूरी घटना इस प्रकार से है कि ग्लोरी न्यूज़ के ऑफिस में इसके एडिटर इन चीफ डॉ.डी. एस. संधु बैठे कुछ रहे थे कि उनको अपनी जेब में रखी जियो फाई थ्री गर्म होती महशूस हुई ,जिसको उन्होंने बाहर निकालकर देखा तो वह अत्यंत गर्म हो रही थी। अतः डॉ संधु ने अविलम्ब बैट्री निकलकर डिवाइस से अलग करके रखी ही थी की उसमें पहले अजीब सी आवाज के साथ रंगीन आतिशबाजीजैसा धुआं निकलता नज़र आया। जब तक कुछ समझ पाते तब तक एक जोर का बिस्फोट करती हुई बैट्री आग के गोले में परिणित हो गई। जिसे बमुश्किल पानी डालकर बुझाने का प्रयास किया। यदि डिवाइस समय पर बैट्री से पृथ्क नहीं करते तो निश्चित ही कुछ भी गंभीर हादसा घटित हो सकता था।गांधीपार्क से क्रय की थी डिवाइस :- जियो फाई थ्री की डिवाइस लगभग छै माह पूर्व स्थानीय गाँधी पार्क के एक रिटेलर से दो हजार रुपये में खरीदी थी। और इसी रिटेलर से तथा इसके माध्यम मौखिक रूप से जियो कम्पनी के लोगों से एवं डिस्ट्रीब्यूटर्स से गर्म होने की शिकायत बारबार करता रहा। परन्तु एक ही जबाव बार-बार मिलता रहा की चिंता की कोई बात नहीं है,थोड़ी बहुत गर्म तो होती है। इस प्रकार मेरी शिकायत को गंभीरता पूर्वक नहीं लिया गया। और यह हादसा घटित हो गया जो जान लेवा भी हो सकता था।धुआँ के साथ तेज आवाज से हुआ बिस्फोट :- जियो फाई थ्री को रिचार्ज कराने पॉकेट में रखकर मार्केट जाने ही वाला था कि अपने खींसे में रखी डिवाइस कुछ ज्यादा ही गर्म लगी। मैंने उसे तुरंत ही बाहर निकाल के देखा तो वह आसामन्य रूप से गर्म थी। कोई अनहोनी न हो जाये इसलिए जल्दी से डिवाइस से बैट्री अलग कर दी। किन्तु मैं कुछ समझ पाता इसके पूर्व ही आतिशबाजी के अनार की तरह रंगीन धुआँ निकलने लगा और एक जोरदार धमाके के साथ इसमें आग लग गई। मैने तुरंत पास में रखे पानी से आग बुझाई अन्यथा गंभीर हानि हो सकती थी। वहीं पॉकेट में ही रखे -रखे यह घटना घटित हो जाती तो इससे मेरे शरीर को होने वाली दुर्घटना का कौन जबावदार होता।जियो वालों ने नहीं दिया संतोषजनक उत्तर :- सर्व प्रथम जब इस घटना की जानकारी रिटेलर को दी तो उसने अशोकनगर के डिस्ट्रीब्यूटर्स सहित जियो के  अधिकारियों  से बात की परन्तु किसी ने सही तरीके से न तो बात सुनी और न ही संतोष जनक उत्तर दे रहे हैं।जियो प्रोडक्ट्स का नहीं देते बिल :- किसी भी दुकान से आप अशोकनगर में जियो का कोई भी सामान खरीदोगे उसका जियो कम्पनी तथा स्थानीय रिटेलर्स जियो सामान का बिक्री बिल नहीं देते हैं। इस प्रकार एक तरफ यह तमाम तरह के करों की चोरी करते हैं। वहीं मेरे जैसे कितने ही उपभोक्ता हैं जो इनका शिकार प्रतिदिन किसी न किसी रूप में हो रहे हैं।किसी हादसे के बाद वह उपभोक्ता फॉर्म में अपने अधिकार की लड़ाई लड़ने बिल के नहीं होने पर कैसे जाये? यह भी हमारी व्यवस्था के ऊपर एक गंभीर यक्ष प्रश्न चिन्ह है !जियो नामचीन अम्बानी की है :- देश ही नहीं तमाम दुनिया में अपने नाम का डंका पीटने वाले गुजरात के नामचीन उधोगपति मुकेश अंबानी की  जियो है। जिसको सरकार भी अभिनव पहल समझ कर मदद कर रही है। लेकिन सरकार की मंशा के विरुद्ध यह जियो कम्पनी जो देश के उपभोक्ताओं को चूना ही नहीं लगा रही है बल्कि उनकी जान से भी खिलवाड़ कर रही है।जिसका जीता जगता यह हादसा सबसे सटीक उदाहरण आज आप सबके समक्ष हाजिर है। अब आम उपभोक्ता इस घटिया उत्पाद के कारण अपने आपको ठगा हुआ एवं मौत से रु-ब-रु होने को मजबूर है।