आसाराम को कुकर्मों की मिली आजीवन सजा !

जोधपुर :केंद्रीय जेल जोधपुर में 1698 दिनों से बंद आसाराम को नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में जज मधुसूदन शर्मा ने दोषी करार दिया है। दोषी करार दिए जाने के बाद इस मामले में आसाराम के विरुद्ध सजा पर बहस हुई जिसके पश्चात् जज ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा के अनुसार आसाराम को मरने तक जेल में ही रहना होगा वहीं 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनते ही आसाराम घुटनों पर बैठकर रोने लगा।एक लाख जर्मन एवं आजीवन कैद :- आसाराम को धारा 376 (4) के अंतर्गत 1 लाख का जुर्माना, आईपीसी की धारा 73 डी के तहत उम्रकैद, आईपीसी की धारा 376 (2)एफ के तहत आजीवन कारावास, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत 6 महीने, और धारा 506 के तहत एक वर्ष की सजा सुनाई गई है।शरत और शिल्पी को 20-20वर्ष की सजा :-वहीं इस मामले में दो अन्य दोषियों शरत और शिल्पी को 20-20 वर्ष की सजा सुनाई है। सजा के ऐलान के तुरंत पश्चात् जज मधुसूदन एवं केस से जुड़े अन्य लोगों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।पहले रोया फिर बोला मौज करेंगे :-आसाराम केस में दोषी ठहराए जाने के बादसिर पकड़कर बैठ गया और राम नाम जपने लगा एवं सजा सुनते ही घुटनों के बल बैठ कर जोरों से रोने लगा।इस बीच जेल परिसर में एंबुलेस जाते हुए देखी गई जिसके बाद कहा जा रहा था कि आसाराम की तबीयत बिगड़ गई है। हालांकि, कुछ देर बाद सूचना आई कि आसाराम की तबीयत ठीक है। किन्तु कुछ देर के बाद आसाराम ने वहां खड़े पुलिसवाले से कहा कि अब जेल में ही रहेंगे और मौज करेंगे। एक करोड़ मुआवजे की लगाई याचिका :-इस केस से सम्बंधित पीड़िता के वकील ने कोर्ट में पीड़िता को 1 करोड़ का मुआवजा दिए जाने की मांग वाली याचिका लगाई है। हंगामा करते समर्थक गिरफ्तार:- जब आसाराम को सजा सुनाई जा रही थी, इस बीच आसाराम के कुछ समर्थक जेल के बाहर पहुंचकर हंगामा करने लगे जिन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।आसाराम पर आने वाले फैसले पर पूरे देश में मौजूद उसके समर्थकों की नजर टिकी रही।वहीं कई समर्थक तो जोधपुर पहुंचे हैं और जेल के बाहर तक आ गए। ऐसे ही एक समर्थक को माला के साथ पुलिस ने पकड़ा है।आसाराम सुबह 4 बजे से उठ गया। उसकी तबीयत को देखते हुए जेल के बाहर एक एंबुलेंस भी खड़ी की गई है।सेंट्रल जेल के बैरक नंबर दो में हुई सुनवाई:- सुबह 8 बजे जोधपुर कोर्ट के जज मधुसूदन शर्मा, वकील व अन्य अधिकारी सेंट्रल जेल पहुंचें और सजा पर सुनवाई हुई। यह सुनवाई जेल में बैरक नंबर दो के पास बने बैरक में हुई।3 राज्यों से जुड़ा है यह केस :-नाबालिग से दुष्कर्म का यह मामला मप्र, उप्र व राजस्थान से ज़ुड़ा है। पीड़िता उप्र के शाहजहांपुर की मूल निवासी है। वह मप्र के छिंदवाड़ा के आश्रम में रह कर पढ़ाई कर रही थी। आसाराम पर आरोप है कि उसने पीड़िता को जोधपुर के पास मनाई स्थित अपने आश्रम में बुलाया और 15 अगस्त, 2013 की रात उससे दुष्कर्म किया।होइ है वही जो राम रचि राखा:-आसाराम ने फैसले की पूर्व संध्या पर कहा- "अब भगवान से ही उम्मीद है, होई है वही जो राम रचि राखा।" मंगलवार को जोधपुर कलेक्टर रविकुमार सुरपुर व पुलिस उपायुक्त अमनदीप सिंह जेल में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान कलेक्टर ने आसाराम से पूछा- "फैसले को लेकर क्या सोच रहे हो?" इस पर आसाराम ने कहा कि कोर्ट का जो भी फैसला होगा, वह मंजूर होगा। वह और उनके समर्थक गांधीवादी विचारधारा के हैं और अहिंसा में यकीन रखते हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम जोधपुर में धारा 144:-डेरा चीफ राम रहीम पर फैसले के दौरान हुई हिंसा से सबक लेते हुए केंद्र और राज्यों ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं साथ ही जोधपुर में एहतियातन धारा 144 लागू कर दी है। फैसले के मद्देनजर केंद्र सरकार ने दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और हरियाणा को सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए हैं।कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जोधपुर छावनी में तब्दील हो गया है। पुलिस की छह कंपनियां भेजी गई हैं। शहर में धारा 144 लगा दी गई है। पुलिस होटलों और धर्मशालाओं की सघन चेकिंग कर रही है। राजस्थान में बने आसाराम के आश्रमों को खाली करा लिया गया है।गुरमीत राम रहीम मामले से केंद्र ने लिया सबक:-विगत वर्ष हरियाणा के डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ दुष्कर्म मामले में फैसला आने के बाद पंचकूला में उसके समर्थकों ने हरियाणा तथा पंजाब में बड़े पैमाने पर हिंसा की थी। इससे सबक लेकर गृह मंत्रालय ने आसाराम के मामले में कोई चूक नहीं करने की ऐहतियाती कार्रवाई शुरू कर दी है। आसाराम के प्रभाव वाले राज्यों को सतर्क कर दिया गया है। इसी कड़ी में राजस्थान, गुजरात व हरियाणा में कड़ी सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्रालय तीनों राज्यों के संपर्क में है। केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा ने इस मुद्दे पर वरिष्ठ प्रशासनिक अफसरों और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की है। इंदौर में हुई थी गिरफ्तारी:-आसाराम ने धमकाया था, इसलिए पीड़िता ने दिल्ली जाकर 20 अगस्त, 2013 को कमला नगर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। वहां से केस जोधपुर रेफर किया गया था। जोधपुर पुलिस ने 31 अगस्त, 2013 को मध्य प्रदेश के इंदौर से आसाराम को गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में है।आसाराम करेंगे सजा के विरुद्ध अपील :- गुरुवार को हाईकोर्ट में वहीं आसाराम की तरफ से गुरुवार को हाईकोर्ट में इस सजा को सस्पेंड करने के लिए अपील की जाएगी।वहीं फैसले के बाद आसाराम की प्रवक्ता नीलम दुबे ने कहा कि हम अपनी लीगल टीम से चर्चा करेंगे और भविष्य के प्लान पर फैसला लेंगे। हमें न्याय व्यवस्था में भरोसा है।
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