अब दस की जगह होंगे 13 अंकों के होंगे मोबाइल नंबर

दिल्‍ली : भारत में कल यानि एक जुलाई से मोबाइल नंबरों को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 जुलाई 2018 से मोबाइल के नंबर 13 अंकों के हो जाएंगे। 1 जुलाई 2018 से नया नंबर लेने वाले ग्राहकों को 13-अंकों का मोबाइल नंबर दिया जाएगा। इसके लिए तैयारी भी लगभग पूरी हो चुकी है। सरकार ने इसके लिए सभी राज्यों को निर्देश जारी कर दिए हैं।मोबाइल इंटरनेट की लोकप्रियता :-भारत में मोबाइल इंटरनेट यूजर्स की संख्या जून तक 47.8 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) और कंटार-आईएमआरबी द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि 2017 के दिसंबर तक मोबाइल इंटरनेट यूजर्स की संख्या 17.22 फीसदी बढ़कर 45.6 करोड़ यूजर्स तक पहुंच गई। इस रिपोर्ट में देश में मोबाइल इंटरनेट की लोकप्रियता को दर्शाया गया है, जो कि किफायती होने के कारण लोकप्रिय हो रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शहरी भारत में साल-दर-साल अनुमानित वृद्धि दर 18.64 प्रतिशत रही, जबकि ग्रामीण भारत में इसी अवधि (दिसंबर 2016 से दिसंबर 2017) के दौरान अनुमानित वृद्धि दर 15.03 फीसदी रही है।नए नम्बर जारी करने गुंजाईश ख़त्म:-दूरसंचार विभाग के अधिकारियों ने कहा कि 10 अंकों के लेवल में अब नए मोबाइल नंबर जारी करने की कोई गुंजाइश नहीं बची है। लिहाजा इस बात की पहले से ही जरूरत महसूस की जा रही थी कि अब 10 से अधिक अंकों वाले मोबाइल नंबरों की सीरीज शुरू करनी होगी। इसके बाद इन्‍हें 13 नंबरों का कर दिया जाएगा।दूरसंचार कंपनियों को आदेश जारीअपडेट होंगे सिस्‍टम :-दूरसंचार विभाग के अनुसार , मोबाइल नंबर की नई सीरीज आने से सभी टेलिकॉम ऑपरेटरों को अपना सिस्टम अपडेट करना होगा। इस संबंध में सभी सर्कल की दूरसंचार कंपनियों को आदेश जारी कर दिया गया है। भारत संचार निगम लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, दिसंबर 2018 तक पुराने नंबर भी इस प्रक्रिया के तहत अपडेट होंगे। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि वर्तमान में चल रहे नंबरों को किस तरह अपडेट किया जाएगा। यह प्रक्रिया अक्टूबर से शुरू होगी और 31 दिसंबर तक पूरी कर ली जाएगी। अधिकारी अभी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि अतिरिक्त 3 डिजिट, पुराने नंबरों में आगे की तरफ जोड़ा जाए या पीछे की तरफ।वर्तमान में 10 अंकों के हिसाब से मोबाइल सॉफ्टवेयर बनाया गया है। आने वाले समय में 13 अंकों के हिसाब से मोबाइल सॉफ्टवेयर भी अपडेट किया जाएगा, ताकि यूजर्स को कॉल करने में असुविधा न हो।पहली बार नहीं बदल रहे हैं नंबर:-ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है जब दूरसंचार मंत्रालय ने इस तरह का निर्णय लिया गया है। इससे पहले नवंबर 2002 में भी देश के सभी टेलीफोन नंबरों के आगे 2 लगा दिया गया था, जिसके कारण से सभी टेलीफोन नंबर बदल गए थे। जिसमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चैन्नई जैसे महानगरों में इस्तेमाल होने वाले टेलीफोन की संख्या 7 अंकों से बढ़कर 8 अंकों की हो गई थी। वहीं, टीयर टू शहरों के टेलीफोन की संख्या 6 अंकों से 7 अंकों की हो गई थी।