ई सिगरेट बढ़ा रही हृदय रोग

अशोकनगर : युवा इन दिनों तनाव से बचने के चक्‍कर में एक से एक बड़ी मुसीबतों में फंसते जा रहे हैं। इतना ही नहीं वे सिगरेट के नुकसान से बचने के चक्कर में ई सिगरेट का सहारा ले रहे हैं। इससे वे हृदय रोग का शिकार हो रहे हैं।तनाव घटाने व बीमारियों से बचने के चक्कर में युवा आजकल सिगरेट व बीड़ी की जगह ई-सिगरेट का इस्तेमाल धड़ल्ले से कर रहे हैं। उनको विश्वास है कि इनमें तंबाकू नहीं होता है और होता भी है तो उसकी क्वालिटी अच्छी होती है। इसलिए वे किसी प्रकार की बीमारी के शिकार नहीं होंगे। उनकी यही गलतफहमी उनको हृदय रोगों के जाल में फंसा रही है।ई-सिगरेट की भाप करती नुकसान:-आधुनिक चिकित्सीय अनुसंधानों से प्राप्त तमाम रिपोर्टों पर नजर डाली जाये तो इन के नतीजे हमें स्पष्ट सचेत करते मिलेंगे कि ई-सिगरेट युवाओं के लिए साइलेंट किलर है।ई-सिगरेट की भाप के संपर्क में आने से दिल की नाडिय़ों में एथ्रोसलोक्लोसिस जैसी भयानक बीमारी जन्म ले लेती है। यह बीमारी बड़ी तेजी से नाडिय़ों को बंद कर देती है। इससे दिल का दौरा पड़ सकता है। ई-सिगरेट में एक पाउडर होता है, जोकि आग के संपर्क में आने पर भाप बन जाता है। उसे युवा मुंह के जरिये शरीर में ले जाते हैं और सुरूर में आ जाते हैं। इसमें धुआं नहीं होता है, इसलिए युवाओं को गलतफहमी रहती है कि वह दिल ह्रदय तथा फेफड़ों पर बुरा असर नहीं डालता है।किन्तु यही भ्रम उन्हें मौत से रु-बी-रु करने में देर नहीं कर रही है। अपने तनाव या चार्म के लिए हम किसी भी प्रकार का नशा करें, वह सदैव हमारे स्वास्थ्य के लिए हानि कारक ही सिद्द होता है। इससे कैंसर एवं श्वसन संबंधी बीमारियां हो जाती हैं। ऐसे में ई सिगरेट का उपयोग उससे भी अधिक खतरनाक है। तनाव से बचने ई सिगरेट का सहारा:-अजय कुमार शर्मा (काल्पनिक नाम) उम्र 26 वर्ष मैं बैंक में काम करता हूँ।जहां पर मुझे सुबह से लेकर शाम तक अपना कार्य करना होता है। बैंक की तरफ से हमको विभिन्न प्रकार के टारगेट दिए जाते हैं। इससे हमें समय पर भोजन भी नशीब नहीं हो पता है ,और खाने-पीने का सिस्टम बिगड़ गया । ऊपर से तनाव भी बढ़ता गया। तनाव से बचने के लिए वर्ष पूर्व ई-सिगरेट का सेवन शुरू किया था। एक माह पहले मुझको अचानक हार्ट अटैक हुआ। इस पर तुरंत बाइपास सर्जरी करवानी पड़ी।इसी प्रकार एक और केश देखने को मिला की एक सज्जन अपने ऑफिस मीटिंग में भाग लेने आये थे। होटल में बैठक के दौरान उनको दिल का दौरा पड़ा। इनको इमरजेंसी ऑपरेशन कर स्टेंट लगाना पड़ा।चार महीने पूर्व भी उनको एक दिन दोपहर बाद सीने में दर्द हुआ। जांच में पता चला कि उनको दिल का दौरा पड़ रहा था। इनको आईसीयू में भर्ती किया गया और समय पर दवाओं से अटैक को रोका गया।उन्होंने अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया किअपने कार्य करने के दरमियाँहोने वाले तनाव को कम करने के उद्देश्य से वो भी ई-सिगरेट का इस्‍तेमाल करते थे।