टीम इंडिया ने किया टी -20 में आयरलैंड को क्लीन स्वीप !

दिल्ली:आयरलैंड के खिलाफ खेली गई टी-20 सीरीज़ को टीम इंडिया ने 2-0 से अपने नाम कर लिया। भारत ने दूसरा मैच 143 रन के बड़े अंतर से जीतकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। ये भारत की टी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ी जीत रही। भारत की इस जीत के बाद टीम इंडिया के एक खिलाड़ी के साथ ज्यादती हो गई। युजवेंद्र चहल को इस सीरीज़ में शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द सीरीज़ का खिताब मिला, लेकिन इस अवॉर्ड का दावेदार कोई और खिलाड़ी था, ऐसा हम नहीं उस प्लेयर का प्रदर्शन कह रहा है।आयरलैंड के विरुद्ध खेली गई सीरीज़ के दोनों मुकाबलों में युजवेंद्र चहल ने छह विकेट लिए। चहल ने दो मैचों में 8 ओवर फेंकते हुए 59 रन दिए। इस दौरान उनका इकॉनमी रेट 7.37 का रहा। उन्होंने दोनों ही मैचों में तीन-तीन विकेट चटकाए। वहीं दूसरे भारतीय स्पिन गेंदबाज़ कुलदीप यादव ने 2 मैचों की इस सीरीज़ में कुल 7 विकेट चटकाए। यानि की चहल से एक ज़्यादा। इस दौरान कुलदीप का इकॉनमी रेट 5.69 रहा। कुलदीप ने पहले मैच में चार तो दूसरे टी-20 में तीन शिकार किए। उन्होंने इस सीरीज़ में 6.3 ओवर गेंदबाज़ी करते हुए सिर्फ 37 रन दिए।इतना ही नहीं इस दौरान उन्होंने एक मेडन ओवर भी फेंका। यानि की कुलदीप ने चहल से अधिक विकेट लिए, उन्होंने चहल के मुकाबले कम रन देते हुए अपना इकॉनमी रेट भी अच्छा रखा, फिर भी उन्हें ये खिताब नहीं दिया गया।युजवेंद्र चहल को मैन ऑफ द सीरीज़ का खिताब देने के पीछे एक कारणहो सकता है और वो ये कि, उन्होंने इस सीरीज़ के दौरान कुलदीप से अधिक गेंदबाज़ी की। कुलदीप ने जहां इस सीरीज़ में 6.3 ओवर फेंके तो वहीं चहल ने दोनों मैचों में अपना कोटा पूरा करते हुए 8 ओवर गेंदबाज़ी की। वहीं कुलदीप को पहले मैच में चार विकेट लेने के लिए मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिल चुका था, तो इस मैच के बाद चहल के दोनों मैचों के प्रदर्शन को मद्देनज़र रखते हुए उन्हें मैन ऑफ द सीरीज़ का खिताब देने का फैसला किया हो। भारतीय स्पिनर्स ने दोनों ही मैचों में कुल मिलाकर 13 विकेट चटकाए थे। जिसमें से सात कुलदीप ने तो छह विकेट चहल ने लिए।ऐसा इससे पूर्व भी हो चुका है:-अनिल कुंबले भारत के दिग्गज स्पिनर के साथ भी एक बार पहले ऐसा हो चुका है। साल 1998-99 मेंं पाकिस्तान की टीम भारत के साथ दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ खेलने के लिए आई थी। ये वहीं सीरीज़ है जिसमें कुंबले ने इतिहास रचते हुए कोटला में पाकिस्तान के सभी 10 बल्लेबाज़ों को आउट कर दिया था। उस सीरीज़ में कुंबले ने कुल मिलाकर 21 विकेट अपने नाम किए थे। ये किसी भी गेंदबाज़ द्वारा इस सीरीज़ में लिए गए सबसे ज़्यादा विकेट थे, लेकिन फिर भी मैन ऑफ द सीरीज़ का खिताब सकलैन मुश्ताक को दिया गया था। मुश्ताक ने इन दोनों टेस्ट में कुंबले से एक कम यानि 20 विकेट लिए थे।चहल को खिताब देने के पीछे एक कारण:-युजवेंद्र चहल को मैन ऑफ द सीरीज़ का खिताब देने के पीछे एक कारण हो सकता है और वो ये कि, उन्होंने इस सीरीज़ के दौरान कुलदीप से अधिक गेंदबाज़ी की। कुलदीप ने जहां इस सीरीज़ में 6.3 ओवर फेंके तो वहीं चहल ने दोनों मैचों में अपना कोटा पूरा करते हुए 8 ओवर गेंदबाज़ी की। वहीं कुलदीप को पहले मैच में चार विकेट लेने के लिए मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिल चुका था, तो इस मैच के बाद चहल के दोनों मैचों के प्रदर्शन को मद्देनज़र रखते हुए उन्हें मैन ऑफ द सीरीज़ का खिताब देने का फैसला किया हो।
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