राष्ट्रपति की अधिसूचना के साथ अनुच्छेद 370 खत्म !

दिल्ली ः सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मू-कश्मीर सरकार से संबंधित संविधान (जम्मू कश्मीर में लागू) आदेश 2019 जारी किया जो राज्य में भारत का संविधान लागू करने का प्रावधान करता है। राष्ट्रपति ने संविधान (जम्मू-कश्मीर में लागू) आदेश 2019 जारी किया जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा। यह जम्मू कश्मीर में लागू आदेश 1954 का स्थान लेगा।इसमें कहा गया है कि संविधान के सभी प्रावधान जम्मू कश्मीर राज्य में लागू होंगे। सरकार ने कहा कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 367 में उपबंध 4 जोड़ा है जिसमें चार बदलाव किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि संविधान या इसके उपबंधों के निर्देशों को, उक्त राज्य के संबंध में संविधान और उसके उपबंधों को लागू करने का निर्देश माना जाएगा।जिस व्यक्ति को राज्य की विधानसभा की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा जम्मू एवं कश्मीर के सदर ए रियासत, जो स्थानिक रूप से पदासीन राज्य की मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य कर रहे हैं, के रूप में स्थानिक रूप से मान्यता दी गई है, उनके लिए निर्देशों को जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल के लिए निर्देश माना जाएगा ।इसमें कहा गया है कि उक्त राज्य की सरकार के निर्देशों को, उनकी मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य कर रहे जम्मू कश्मीर के राज्यपाल के लिए निर्देशों को शामिल करता हुआ माना जाएगा। अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से जारी अधिसूचना का लिखित विवरण इस प्रकार है- विधि एवं न्याय मंत्रालय (विधायी विभाग)नई दिल्ली, पांच अगस्त 2019सा.का. नि.551 (अ) - राष्ट्रपति द्वारा किया निम्नलिखित आदेश सर्वसाधारण की सूचनार्थ प्रकाशित किया जाता है :-संविधान (जम्मू और कश्मीर में लागू) आदेश, 2019सी.ओ 272संविधान के अनुच्छेद 370 के खंड (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राष्ट्रपति, जम्मू और कश्मीर राज्य सरकार की सहमति से निम्नलिखित आदेश करते हैं:-1. (1) इस आदेश का नाम संविधान (जम्मू और कश्मीर के लिए लागू) आदेश, 2019 है।(2) यह तुरंत प्रवृत्त होगा और इसके बाद यह समय-समय पर यथा संशोधित संविधान (जम्मू और कश्मीर पर लागू) आदेश, 1954 का अधिक्रमण करेगा। 2. समय-समय पर यथा संशोधित संविधान के सभी उपबंध जम्मू और कश्मीर राज्य के संबंध में लागू होंगे और जिन अपवादों और आशोधनों के अधीन ये लागू होंगे वे निम्न प्रकार होंगे :-अनुच्छेद 367 में निम्नलिखित खंड जोड़ा जाएगा, अर्थात :-(4) संविधान, जहां तक यह जम्मू और कश्मीर के संबंध में लागू है, के प्रायोजनों के लिए -(क) इस संविधान या इसके उपबंधों के निर्देशों को, उक्त राज्य के संबंध में यथा लागू संविधान और उसके उपबंधों का निर्देश माना जाएगा ; (ख) जिस व्यक्ति को राज्य की विधान सभा की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा जम्मू और कश्मीर के सदर-ए-रियासत, जो तत्स्थानिक रूप से पदासीन राज्य की मंत्रि परिषद की सलाह पर कार्य कर रहे हैं, के रूप में तत्स्थानिक रूप से मान्यता दी गई है, उनके लिए निर्देशों की जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल के लिए निर्देश माना जाएगा।(ग) उक्त राज्य को सरकार के निर्देशों को, उनकी मंत्रिपरिषद की सलाह पर काम कर रहे जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल के लिए निर्देशों को शामिल करता हुआ माना जाएगा ; तथा(घ) इस संविधान के अनुच्छेद 370 के परंतुक में “खंड (2) में उल्लिखित राज्य की संविधान सभा” अभिव्यक्ति को “राज्य की विधानसभा” पढ़ा जाएगा। रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति।
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