तेजस्वी की आँधी से हो सकती है एनडीए धराशायी !

पटना: विधानसभा चुनाव 2020 बिहार राज्य में इस बार तेजस्वी यादव की आंधी चलती हुई दिखाई दे रही है. एग्जिट पोल के अनुसार, इस बार महागठबंधन बिहार में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रहा है।ग्लोरी न्यूज एग्जिट पोल के अनुसार, बिहार में *महागठबंधन* को 140 से 161 तक सीटें मिल सकती हैं. जबकि *एनडीए* 100 से भी कम सीटों पर सिमट हुआ दिख सकता है ।दूसरे शब्दों में यह कह सकते हैं कि नीतीश कुमार को बिहार की सत्ता से विदाई होते नजर आ रही है।
एग्जिट पोल के अनुसार, इस बार एनडीए सिर्फ 68 से 91 सीटों के बीच में सिमट सकती है। जबकि जदयू को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है, नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए को चुनाव लड़ना अत्यंत भारी पड़ता स्पष्ट दिख रहा है और नीतीश की सत्ता से विदाई होनी निश्चित लग रही है। खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि ये उनका अंतिम विधानसभा चुनाव हो सकता है! बिहार में 10 नवंबर को परिणाम घोषित किए जाने हैं।

*एग्जिट पोल के अनुसार किसे कितनी सीट:-* • *महागठबंधन* को 139 से 161 सीटें,
• *एनडीए* को 68 से 91 सीटें , • *लोजपा* को 3 से 5 सीटें ,• *GDSF* को 3 से 5 सीटें,
• *अन्य* को 3 से 5 सीटें ।

आखिर क्या और क्यों होती प्लूरिसी - डॉ.डी.एस.संधु

प्लूरिसी के कारण और लक्षण क्या हैं यह अरविंद के परिजनों के साथ साथ उन सब अपने पाठकों से सांझा कर रहा हूँ, जो समयानुसार इस को जान सके कि प्लूरिसी क्या और क्यों होती है तथा इससे बचने कैसे और क्या सावधानी रखनी आवश्यक है। ताकि लोगों को अरविंद के परिजनों की तरह शारीरिक,मानसिक तथा आर्थिक परेशानियों से नहीं जुझना पड़े। हाँ तो लीजिए आप सब के लिए जानकारी प्रस्तुत है कि आखिर प्लूरिसी क्या और कैसे होती है ! 

अत्यंत सुखद खबर कोविड19 को परास्त करने भारत ने इजाद किया हथियार !

दुनियाभर में कोरोना कोविड19 का कहर अपने आगोश म़े लखो लोगों को समेटते हुए असमय मार चुका है ।जिससे निपटने के लिए लाखों वैज्ञानिक और चिकित्सक अपने पूरे दम से रात दिन प्रयास में जुटे हुये है किन्तु अभी तक कोई मुकंबल स्तर तक नहीं पहुंच सके हैं।इस बीच पॉन्डिचेरी विश्व विद्यालय के एक भारतीय छात्र रामू ने Covid19 का घरेलू उपचार की खोजकर एक सुखद समाचार जन जन तक पहुंचा ने का महान कार्य कर दिखाया है।

अयोग्यता याचिकाएं लंबित होने तक सरकार में मंत्री बनाने की इजाजत नहीं- सुप्रीम कोर्ट !

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष को उस याचिका पर नोटिस जारी किया है जिसमें कहा गया है कि भाजपा में शामिल होने वाले कांग्रेसी विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाएं लंबित होने तक उन्हें शिवराज सरकार में मंत्री नियुक्त करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

Pages