करीला धाम मेला तैयारियों को लेकर कलेक्टर ने ली मीटिंग

अशोकनगर: रंगपंचमी 10 मार्च 2015 के अवसर पर जनपद पंचायत मुंगावली के बहादुरपुर क्षेत्र अंतर्गत स्थित करीला धर्म स्थल पर आयोजित होने वाले वार्षिक मेले की तैयारियों एवं आवश्यक व्यवस्थायें उपलब्ध कराने हेतु कलेक्टर आर.बी.प्रजापति द्वारा मंदिर परिसर करीला में अधिकारियों की बैठक ली गई। मार्च माह में रंगपंचमी के अवसर पर आयोजित किया जाएगा। मेले में प्रतिवर्ष की भांति लाखों की संख्या में श्रद्वालु एवं उनके छोटे-बडे़ वाहन आने की संभावना है।

बिहार के मुख्यमंत्री मांझी को पार्टी ने किया बर्खास्त !

 पटना:बिहार में जारी "सत्ता संघर्ष" से सत्तारूढ़ पार्टी के अंदर पल-प्रतिपल नया मोड़ आता जा रहा है। जनता दल यूनाइटेड ने पार्टी विरोधी गतिविविधों के चलते सोमवार को मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को जदयू से निकाल दिया है। जदयू की इस कार्रवाई से पहले ही मांझी "मझधार" में फंस गए थे। उन्होंने भले ही अभी भी विधानसभा में बहुमत साबित करने का दावा करते फिर रहे थे, लेकिन सत्ता संघर्ष में कुर्सी पर बने रहना उनके लिए आसान नहीं दिख रहा था।दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने के बाद संख्या बल के भरोसे मांझी ने भले ही विधानसभा में बहुमत साबित कर देने का दावा किया हो लेकिन राजनीति और कानून के जानकार मांझी की राह आसान नहीं मानते। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी मांझी को समर्थन देने पर ढुलमुल नजर आ रही है।कानून और संविधान के जानकारों का कहना है कि प्रजातंत्र में संख्या बल बहुत मायने रखता है और बिहार के वर्तमान राज्यपाल खुद संविधान के जानकार हैं। वैसे बिहार के सियासी दांवपेंच के बीच अ

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 में "आप ने इन तथ्यों से बनाया नया इतिहास "

नई दिल्ली: इस वर्ष 2015 में हुए दिल्ली विधासभा चुनाव में इसके परिणाम आने से पूर्व मीडिया जगत एवं तमाम लोगों में यह अटकल बजी चल रही थी कि आम आदमी पार्टी और भाजपा में कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल बनाम भाजपा दिल्ली सीएम उम्मीदवार किरण बेदी के रूप में सीधा मुकाबला देखा जा रहा है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में कुल 70 सीटों पर चुनाव लड़ा गया है। जिसके लिए मतदान सात फरवरी को छुआ एवं आज 10 फरवरी को परिणाम घोषित किए गए।जिसके मिल रहे रुझान एक दम चौंकाते हुए यह साबित कर रहे है कि “आप” बड़ी जीत हासिल करने की तरफ बढ़ रही है। शुरूआती रूझानों के अनुसार पार्टी बहुमत के आंकड़ें 36 को भी बहुत पीछे छोडती हुई नया इतिहास रचती हुई अकेले दम पर सरकार बनाने जा रही है। एक वर्ष पूर्व जनलोकपाल बिल को लेकर अरविंद केजरीवाल ने 49 दिन मुख्यमंत्री रहने के उपरांत अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके पश्चात् से दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ था। विपक्षी पार्टियों

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