नौ माह में कुछ नहीं बदला, कारोबारियों में है बेचैनी - दीपक पारेख

मुंबई:केंद्र सरकार के कामकाज से विकास दर और महंगाई के आंकड़े भले ही आम जन को खुश करें, पर उद्योगजगत इससे निराश है। यूपीए सरकार के कामकाज पर पहला प्रहार कर चुके एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन दीपक पारेख ने अब वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक साक्षात्कार में बुधवार को कहा कि तेल के दामों में ग्लोबल गिरावट के चलते बीते नौ माह प्रधानमंत्री के लिए खुशकिस्मती से भरे थे, पर जमीनी स्तर पर कोई बदलाव देखने को नहीं मिला।उन्होंने एक साक्षात्कार में बुधवार को कहा कि तेल के दामों में ग्लोबल गिरावट के चलते बीते नौ माह प्रधानमंत्री के लिए खुशकिस्मती से भरे थे, पर जमीनी स्तर पर कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आज भी बिजनेस के हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। उद्योगजगत आज भी आशावान है, पर उसका धैर्य टूट रहा है, क्योंकि ये आशावाद राजस्व में तब्दील नहीं हो रहा है।लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी ने उद्योगजगत के लिए तेजी से काम कर

नौ माह में कुछ नहीं बदला, कारोबारियों में है बेचैनी - दीपक पारेख

मुंबई:केंद्र सरकार के कामकाज से विकास दर और महंगाई के आंकड़े भले ही आम जन को खुश करें, पर उद्योगजगत इससे निराश है। यूपीए सरकार के कामकाज पर पहला प्रहार कर चुके एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन दीपक पारेख ने अब वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक साक्षात्कार में बुधवार को कहा कि तेल के दामों में ग्लोबल गिरावट के चलते बीते नौ माह प्रधानमंत्री के लिए खुशकिस्मती से भरे थे, पर जमीनी स्तर पर कोई बदलाव देखने को नहीं मिला।उन्होंने एक साक्षात्कार में बुधवार को कहा कि तेल के दामों में ग्लोबल गिरावट के चलते बीते नौ माह प्रधानमंत्री के लिए खुशकिस्मती से भरे थे, पर जमीनी स्तर पर कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आज भी बिजनेस के हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। उद्योगजगत आज भी आशावान है, पर उसका धैर्य टूट रहा है, क्योंकि ये आशावाद राजस्व में तब्दील नहीं हो रहा है।लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी ने उद्योगजगत के लिए तेजी से काम कर

दिल्ली में दुष्कर्म के आरोपी भाजपा नेता 'वत्स 'पर मामला दर्ज

 

नई दिल्ली:  विधानसभा चुनाव में शकूर बस्ती से हाल ही में भाजपा प्रत्याशी रहे एस.सी वत्स के विरुद्ध एक महिला ने छेड़खानी और यौन उत्पीड़न का मामला मौर्या एन्क्लेव थाने में दर्ज कराया है। उत्तर पश्चिम दिल्ली के पीतमपुरा के एक संस्थान के चेयरमैन वत्स के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(शील भंग) और 376 (बलात्कार) की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।33 वर्षिय महिला ने 28 जनवरी को दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया है कि वत्स ने उससे संस्थान में काम करने के दौरान कई बार रेप किया। महिला ने बताया कि भाजपा नेता कथित तौर पर उस पर टिप्पणियां करता था और उत्पीड़न के बारे में किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमाकी देता था।पुलिस उपायुक्त (उत्तर पश्चिम) ने इस संबंध मेंकहा कि पुलिस ने वत्स के विरुद्ध मामला दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है । वहींशिकायतकर्ता ने कहा कि वत्स के हाथों लगातार उत्पीड़न और प्रताड़ना से तंग आकर उसने मई 2014 में नौकरी छोड़ दी।

दिल्ली में दुष्कर्म के आरोपी भाजपा नेता 'वत्स 'पर मामला दर्ज

 

नई दिल्ली:  विधानसभा चुनाव में शकूर बस्ती से हाल ही में भाजपा प्रत्याशी रहे एस.सी वत्स के विरुद्ध एक महिला ने छेड़खानी और यौन उत्पीड़न का मामला मौर्या एन्क्लेव थाने में दर्ज कराया है। उत्तर पश्चिम दिल्ली के पीतमपुरा के एक संस्थान के चेयरमैन वत्स के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(शील भंग) और 376 (बलात्कार) की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।33 वर्षिय महिला ने 28 जनवरी को दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया है कि वत्स ने उससे संस्थान में काम करने के दौरान कई बार रेप किया। महिला ने बताया कि भाजपा नेता कथित तौर पर उस पर टिप्पणियां करता था और उत्पीड़न के बारे में किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमाकी देता था।पुलिस उपायुक्त (उत्तर पश्चिम) ने इस संबंध मेंकहा कि पुलिस ने वत्स के विरुद्ध मामला दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है । वहींशिकायतकर्ता ने कहा कि वत्स के हाथों लगातार उत्पीड़न और प्रताड़ना से तंग आकर उसने मई 2014 में नौकरी छोड़ दी।

मप्र बजट सत्र का पहला दिन, लाठी पानी और हंगामे की भेंट चढ़ा !

भोपाल: मप्र विधानसभा का बजट सत्र बुधवार से शुरू होना था लेकिन, सत्र की औपचारिक शुरुआत के साथ ही 10 मिनट बाद सेशन स्थगित कर दिया गया। कांग्रेसी विधायकों के हंगामे के चलते राज्यपाल ने अपनी अभिभाषण की पहली और आखिरी लाइन ही पढ़ी जिसे ही उनका संपूर्ण भाषण मान लिया गया। कांग्रेस ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान ही सदन का बहिष्कार कर दिया।राज्यपाल से माँगा इस्तीफा-;बमुश्किल 10 मिनट चले सत्र में कांग्रेसी विधायकों ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष में बैठे लोगों ने राज्यपाल पर आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की।राजनैतिक बैठकें होती रहीं-सत्र के स्थगन के बाद आज पूरे दिन राजधानी में राजनैतिक गहमागहमी बनी रही। इस बीच केंन्द्रीय मंत्री उमाभारती भी राज्यपाल से मिलने राजभवन गईं। दूसरी ओर मुख्यमंत्री के आवास पर प्रदेश प्रभारी और सूबे के तमाम मंत्रियों की बैठक हुई जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा हुई।कांग्रेसियों पर लाठी -पानी -सरकार

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