सुनंदा से मिलने दो दिन पूर्व आया था "साहब"

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की ओर से सुनंदा पुष्कर हत्या मामले में गठित एसआईटी ने शुक्रवार को लीला होटल के कर्मचारियों से पूछताछ की। साथ ही जिस कमरे में सुनंदा की लाश मिली थी उसकी भी जांच की। सुंनदा पुष्कर का शव विगत वर्ष लीला होटल के रूम नंबर 345 में मिला था।;इससे पूर्व पांच सदस्यीय एसआईटी टीम ने गुरूवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता शशि थरूर के नौकर नारायण सिंह से छह घंटों तक पूछताछ की थी।एसआईटी ने उससे गुरूवार को दक्षिण दिल्ली के हौज खास पुलिस स्टेशन में बात की। उसे जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया गया था जिसके बाद वह हिमाचल प्रदेश में अपने गांव से गुरूवार सुबह आया था। जानकारी के अनुसार उसने बताया कि, 17 जनवरी को शशि थरूर ने उसे कुछ कागजों के साथ बुलाया था। जब वह सुइट में घुसा उस समय सुनंदा पुष्कर सो रही थीं। उसके बाद वह कमरे में नहीं गया और रात नौ बजे उसे मौत की खबर का पता चला। नारायण ने साथ ही बताया कि मौत से दो दिन पहले सुनंदा से मिलने के लिए एक व्यक्ति होटल में आया था। इस व्यक्ति का नाम सुनील साहब बताया जा रहा है।वहीं इस मामले में दर्ज

"समझौता" कर फांसी से बच गया आतंकी !

"समझौता" कर फांसी से बच गया आतंकी !लाहौर:  फांसी से कुछ समय पूर्व ही पाकिस्तान में एक आतंकी "समझौता" कर मौत की सजा पाने से बच गया। फैसलाबाद की आतंकरोधी कोर्ट ने इकराम उल उर्फ अकरम लाहौली को 2011 के इमाम बारगाह में शोरकोट हत्याकांड में फांसी की सजा सुनाई थी। इमराम को फांसी देने से पूर्व ही उसके घरवाले कोट लखपत जेल पहुंचे और इकराम के विरुद्ध शिकायत करने वाले से "समझौता" कर लिया। इसके पश्चात् ;जेल अधिकारियों को इकराम की फांसी रोकनी पड़ी।इकराम के वकील गुलाम मुस्तफा ने कहा कि उसकी फांसी के लिए वारंट जारी होने के उपरांत उसके परिवार ने शिकायतकर्ता से बात की और दोनों पक्षों ने समझौता किया और कोट लखपत जेल में उसकी फांसी टाल दी गई।  वह पूर्व संघीय मंत्री मोइनुद्दीन हैदर के भाई सहित 21 लोगों की हत्या के मामले में भी दोषी है। उस पर इस्लामाबाद में ईरानी कैडेटों और ईरानी राजनयिक सादिक गंजी की हत्या का भी आरोप है। उसके विरुद्ध ब्लैक वारंट जारी हो चुका था

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