बालों की बढ़ती समस्या दोषी कौन ! - डॉ.डी.एस.संधु

पोष्टिक आहार के अभाव में कुपोषण, अनीमिया,विटामिंस और आयरन की कमी,अक्सर बीमार रहना, मानसिक तनाव, दवाओं का अत्याधिक उपयोग, रक्त चाप, बालों में रूसी, डायटिंग,श्वेतप्रदर,सफेद कुष्ट,क्रोध, प्रदूषण, जुकाम,थाइरॉड की समस्या हानिकारक रसायनों का उपयोग तथा शरीर में प्रोटीन की कमियों के चलते मेलोनिन की कमी होने से बालों को गम्भीर नुकसान होता है।अतः हमारे बालों की समस्याओं के लिए कोई ओर नहीं बल्कि कोई दोषी है तो वह हम स्वयं और हमारी मूर्खता पूर्ण जीवनशैली ही है।

लोकसभा चुनाव 2019 परिणाम होंगे चौंकाने वाले !

लोकसभा चुनाव 2019 के अतिम चरण का मतदान संपन्न होते ही तमाम लोग मतदान पूर्व किये गये अपने अपने सर्वे से प्राप्त रुझानों में मोदी सरकार बनाते दिखाई दे रहे है।किन्तु ग्लोरी न्यूज इन सर्वे तथा रुझानो को खारिज करती हुई उसकी अपनी जो रिपोर्ट है उसमें यह बता रही है कि विगत 2014 की अपेक्षा इसबार के चुनाव परिणाम निश्चित ही लोगों को चौंकाने वाले रहेंगे।यदि अनुमान सही साबित होते हैं तो किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत प्राप्त नहीं हो रहा है। अभी तक मिले आंकड़ों के अनुसार भाजपा को 200 सीटें भी मिलना मुश्किल है।अतः देश में इसबार गठबंधन की सरकार बनने की प्रबल संभावनाएं बनती नजर आ रही है।वहीं अब सबकी नजरें 23 मई को आने वाले परिणामों पर लगीं हैं।

मुँहासों ने बढ़ाया नकाबपोशी का प्रचलन : डॉ.डी..एस. संधु

कुछ वर्षों से एक अजीब सा प्रचलन युवक-युवतियों में बहुत ही तीव्रता से बढ़ता जा रहा है कि अपने चेहरे पर अधिकांश लोग नकाबपोश बने गली सड़क मोहल्ला और बाजार कहीं भी नजर आजायेंगे।जो देखने वालों को असहज तथा संदिग्धता का मन में भावों का भी संचार करता है।इस बारे में जब कुछ संदिग्ध से नकाबपोश युवक -युवतियों से इस तरह अपना मुँह छुपाये घूमने का कारण जानना चाहा और अपने मुँह पर से कपड़ा हटाने को कहा तो पहले पहल वह इसे न हटाने के लिए अनेकों बहाने बनाते रहे।किन्तु जब बार-बार मेरे सहित दूसरे अन्य लोगों ने जोर देकर पुलिस बुलाने का डर दिखाया तो वह अपने चेहरों पर से नकाब हटाकर कुछ संकोच के साथ मुँह लटकाकर खड़े हो गये। मेरे मन में यह सब देख के विचार आया कि क्यों ना इन परेशान तथा हीन भावनाओं से जकड़े लोगों की अपने स्तर पर सहायता की जाये।क्योंकि इन युवक युवतियों का अपना मुँह कपड़े से इस तरह छुपाने के पीछे कितने ही ज्ञात-अज्ञात कारण हो लेकिन इन सब में एक प्रमुख कारण है अपने चेहरे को प्रदुषण से बचाने तथा मुँहासों (Pimple) से हुई कुरुपता को छुपाने की।इन मासूमों को यह नहीं मालूम कि चेहरा छुपाने से इनकी मुँहासों से रक्षा हरगिज नहीं हो सकती ,मात्र लोगों के मनों में इनके प्रति संदिग्धता होने के।

त्वचा रोगों में लापरवाही हो सकती खतरनाक - डॉ.डी.एस. संधु

त्वचा रोगों के संबंध में लापरवाही हो सकती खतरनाक ! इस आस्य को बताते हुए आमजन को आगाह करने की प्रक्रिया के तहत डॉ.डी.एस.संधु ने यह बात कहते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्रदूषण के द्रुतगति से बढ़ते दुष्प्रभाव के कारण आज मानव का शरीर विभिन्न प्रकार की बीमारियों से आये दिन घिरता चला जा रहा है ।यदि स्पष्ट रूप से देखा जाये तो विभिन्न रोगों की सूची में त्वचा रोग ने बहुत तीव्रता से अपना सर्वोच्च स्थान बना लिया है।आज ऐसे बहुत ही कम परिवार होंगे जो किसी चर्मरोग की गिरफ्त अनछुये हों ! इस रोग के रोगियों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि निरंतर होती जा रही है,जो निश्चित ही हमारे समाज और देश के चिंतन की सूई को अधिक प्रभावित करने में अहम कारक नजर आ रही है। यदि हम ध्यान पूर्वक देखें तो मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं होगा कि गॉंवों की अपेक्षा शहरों में त्वचा रोग से पीड़ित व्यक्तियों की संख्या अधिक है| यह त्वचा रोग अनेकों तरह से मानव शरीर में हो सकता है|जैसे दाद, खुजली, लाल-लाल चकत्ते, सफेद दाग, फुंसियॉं, झाइयॉं आदि त्वचा रोग के ही विभिन्न रूप हैं|

धार से बदलेगी देश की किस्मत !

बाड़मेर के पश्चात् धार के रेगिस्तान में पुनः मिला तेल का बहुत बड़ा भण्डार ।यहीं तक सीमित नहीं बल्कि अब जोधपुर-नागोर की धरती भी उगल सकती है तेल।विगत समय लखनऊ विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने जोधपुर और नागोर में ऐसे जीवाश्म खोज निकाले हैं, जिनमें तेल के अकूत भण्डार समाहित होने की अत्यंत प्रबल संभावनाएं हैं।ये जीवाश्म ठीक खाड़ी देशों में मिले जीवाश्म जितने ही प्राचीन हैं।इस भूगर्भ विज्ञान के सर्वे ने देश के लिए नई आशा उत्साह का संचार किया है। 

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