विश्व महिला दिवस पर महिला सफाईकर्मियों का हुआ सम्मान !

नगरपालिका में अपनी सेवाएं दे रहीं कर्तव्यनिष्ठ, उत्कृष्ठ कार्य करने के लिए  कई महिला सफाईकर्मियों को सम्मानित किया गया।

देश में नहीं थम रहा मूर्तियां तोड़ने का सिलसिला !

त्रिपुरा में भाजपा की जीत के बाद 1917 की रूसी क्रांति के नायक व वामपंथ के प्रणेता व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा ढहाने जाने के बाद तमिलनाडु के वेल्लोर में समाज सुधारक इवीआर रामास्वामी 'पेरियार' की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। उसके बाद कोलकाता में भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा तोड़ी गई और उसपर कालिख पोत दी गई और अब गांधी की प्रतिमा को क्षति पहुंचाई गई है।प्रतिमा के बदले प्रतिमा तोड़ने की सियासत उबाल पर है।अतः आवश्यक है कि जितनी जल्दी हो सके इस कुरीति को रोका जाये।वहीं इस में लिप्त लोगो के पीछे छुपे चेहरों की पहचान करके कठोरतम दंड दिया जाये।

नपा में आयीं कई आधुनिक मशीने और वाहन !

जब से नपाध्यक्ष का पदभार श्रीमती सुशीला साहू ने संभाला है। तब से लगाकर आज तक नपा अशोकनगर को कितने ही आधुनिक वाहनों की सौगात प्राप्त हुई  है। यह नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है। चाहे कचरा गाड़ियां हो या फिर आधुनिक तकनीक से सज्जित अग्निशमन वाहन (फायर ब्रिगेट )हो अथवा अट्ठारह लाख रूपए की लगात से  क्रय की गयी  स्काई लिफ्ट की बात हो। 

अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मान समारोह !

स्थानीय शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय अशोकनगर में जिला महिला सशक्तिकरण एवं महिला बाल विकास विभाग के तत्वावधान में अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस 08 मार्च 2018 के अवसर पर महिला सम्मान समारोह एवं सुरक्षा एवं स्व रक्षा समापन समारोह का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप मे पुलिस अधीक्षक तिलक सिंह, अपर कलेक्टवर ए.के.चांदिल,प्राचार्य राहुल एवं बडी संख्याक में महिलाएं उपस्थित थी।

करीला मेला आचार संहिता और फसल की मारामारी के चलते रहा फीका

माँ जानकी मंदिर करीला जो कि अशोंकनगर जिले की मुंगावली तहसील की ग्राम पंचायत जसैया में रंगपंचमी 06 मार्च को विशाल मेला का आयोजन हुआ। विधानसभा क्र. 0 34 मुंगावली के विधायक महेंद्र सिंह कालूखेड़ा के आकस्मिक निधन के कारण यहां उप चुनाव की प्रक्रिया के चलते आदर्श चुनाव आचार संहिता लागु की गई थी। जो मेला से मात्र तीन दिन पूर्व ही हटाई गई ,जिसके चलते करीला मेले से सम्बंधित व्यवस्थाएँ चाहे वो आवागमन मार्ग की हों या फिर मेला में दीगर आवश्यकताओं के संबं में रही हों। उनको अच्छे से दुरस्त करने का प्रशासन को पर्याप्त समय नहीं मिला। जिस कारण से अच्छे से व्यवस्थाएं नहीं हो सकीं विशेष कर सड़कों के गडडे तथा साइडों की रेलिंग्स ठीक नहीं हो सकीं। फल स्वरूप विगत वर्ष की तुलना में रोड हादसे अधिक घटित हुए। इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था व श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखकर प्रशासन ने समय पर जो इंतजाम हो सकते थे ,वो इंतजाम किए गए ।

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