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"तालिबान भारत के खिलाफ आईएसआई की उपज" - मुशर्रफ

लंदन:  जनरल परवेज मुशर्रफ पूर्व राष्ट्रपति पाकिस्तान ने पहली बार खुफिया एजेंसी आईएसआई और तालिबान के साथ रिश्तों को स्वीकार करते हुए कहा है कि तालिबान भारत के विरुद्ध आईएसआई की उपज है। भारत के खिलाफ आईएसआई ने तालिबान को ने केवल खड़ा किया बल्कि इसका इस्तेमाल भी किया। ब्रिटेन के दैनिक "द गार्डियन" को दिए इंटरव्यू में भी मुशर्रफ ने आईएसआई और तालिबान के बीच संबंधों की यह बात कबूली।जनरल मुशर्रफ ने कहा कि आर्ईएसआई ने 2001 में तालिबान को भारत के खिलाफ इसलिए खड़ा किया क्योंकि अफगानिस्तान में राष्ट्रपति हामिद करजई की सरकार में बड़ी संख्या में गैर पश्तून लोग और ऎसे अधिकारी शामिल थे जो पाकिस्तान को छोड़ भारत का समर्थन करते थे। उन्होंने करजई पर आरोप लगाया कि उन्होंने पाकिस्तान की जगह भारत का साथ देकर हमारी पीठ में छुरा घोंपने का काम किया। जनरल मुशर्रफ ने माना कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अफगानिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति करजई का कभी समर्थन नहीं किया क्योंकि वह पाकिस्तान के हितों क

बिहार के मुख्यमंत्री मांझी को पार्टी ने किया बर्खास्त !

 पटना:बिहार में जारी "सत्ता संघर्ष" से सत्तारूढ़ पार्टी के अंदर पल-प्रतिपल नया मोड़ आता जा रहा है। जनता दल यूनाइटेड ने पार्टी विरोधी गतिविविधों के चलते सोमवार को मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को जदयू से निकाल दिया है। जदयू की इस कार्रवाई से पहले ही मांझी "मझधार" में फंस गए थे। उन्होंने भले ही अभी भी विधानसभा में बहुमत साबित करने का दावा करते फिर रहे थे, लेकिन सत्ता संघर्ष में कुर्सी पर बने रहना उनके लिए आसान नहीं दिख रहा था।दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने के बाद संख्या बल के भरोसे मांझी ने भले ही विधानसभा में बहुमत साबित कर देने का दावा किया हो लेकिन राजनीति और कानून के जानकार मांझी की राह आसान नहीं मानते। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी मांझी को समर्थन देने पर ढुलमुल नजर आ रही है।कानून और संविधान के जानकारों का कहना है कि प्रजातंत्र में संख्या बल बहुत मायने रखता है और बिहार के वर्तमान राज्यपाल खुद संविधान के जानकार हैं। वैसे बिहार के सियासी दांवपेंच के बीच अ

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 में "आप ने इन तथ्यों से बनाया नया इतिहास "

नई दिल्ली: इस वर्ष 2015 में हुए दिल्ली विधासभा चुनाव में इसके परिणाम आने से पूर्व मीडिया जगत एवं तमाम लोगों में यह अटकल बजी चल रही थी कि आम आदमी पार्टी और भाजपा में कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल बनाम भाजपा दिल्ली सीएम उम्मीदवार किरण बेदी के रूप में सीधा मुकाबला देखा जा रहा है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में कुल 70 सीटों पर चुनाव लड़ा गया है। जिसके लिए मतदान सात फरवरी को छुआ एवं आज 10 फरवरी को परिणाम घोषित किए गए।जिसके मिल रहे रुझान एक दम चौंकाते हुए यह साबित कर रहे है कि “आप” बड़ी जीत हासिल करने की तरफ बढ़ रही है। शुरूआती रूझानों के अनुसार पार्टी बहुमत के आंकड़ें 36 को भी बहुत पीछे छोडती हुई नया इतिहास रचती हुई अकेले दम पर सरकार बनाने जा रही है। एक वर्ष पूर्व जनलोकपाल बिल को लेकर अरविंद केजरीवाल ने 49 दिन मुख्यमंत्री रहने के उपरांत अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके पश्चात् से दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ था। विपक्षी पार्टियों

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