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आखिर क्या और क्यों होती प्लूरिसी - डॉ.डी.एस.संधु

प्लूरिसी के कारण और लक्षण क्या हैं यह अरविंद के परिजनों के साथ साथ उन सब अपने पाठकों से सांझा कर रहा हूँ, जो समयानुसार इस को जान सके कि प्लूरिसी क्या और क्यों होती है तथा इससे बचने कैसे और क्या सावधानी रखनी आवश्यक है। ताकि लोगों को अरविंद के परिजनों की तरह शारीरिक,मानसिक तथा आर्थिक परेशानियों से नहीं जुझना पड़े। हाँ तो लीजिए आप सब के लिए जानकारी प्रस्तुत है कि आखिर प्लूरिसी क्या और कैसे होती है ! 

ई-टिकिट ही अब ई-पास के रुप में होगा मान्य !

भोपाल : विश्व व्यापी नोवोल19 कोरोना महामारी के चलते देश कितने ही दिनों से लॉगडाउन की स्थिति से त्रस्त चल रहा है ।इसके मध्यनजर केन्द्र शासन ने नवीन दिशानिर्देश जारी किये हैं ,जिसके अनुसार 25 मई से हवाई परिवहन और एक जून से रेल परिवहन प्रारंभ करने की अनुमति दी गई है। इससे राज्य के बाहर से आवागमन संभव है। अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी स्टेट कंट्रोल रूम आई.सी.पी. केशरी ने जानकारी दी है कि यह यात्राएँ ई-टिकिट द्वारा ही की जायेंगी। अत: इन्हें ई-पास के रूप में मान्य किये जाने का निर्णय लिया गया है। यह ई-पास अपने निवास से रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और यहाँ से निवास तक के लिये मान्य होगा। ई-टिकिट में आवेदक के सभी विवरण दर्ज होते हैं।उल्लेखनीय है कि ई-पास की सुविधा में ढील देते हुए केवल इंदौर, भोपाल एवं उज्जैन से जाने वाले नागरिकों के लिये ई-पास की सुविधा अनिवार्य की गई है। शेष जिलों में आवागमन के लिये ई-पास की आवश्यकता नहीं है। इसके अतिरिक्त प्रदेश से बाहर जा रहे या अन्य प्रदेशों से मध्यप्रदेश आ रहे व्यक्तियों को ई-पास की सुविधा पूर्ववत् जारी रहेगी।

कलेक्टर का कोरोना को लेकर सीधा संवाद !

कलेक्टर डॉ. मंजू शर्मा द्वारा शनिवार को अशोकनगर कलेक्टर फेसबुक पेज पर लाइव रहकर कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु जिलेवासियों को जागरूक करने के उद्देश्य से सीधा संवाद किया गया। कलेक्टर डॉ.मंजू शर्मा ने कहा कि जिले के नागरिकगण 14 अप्रैल तक लॉक डाउन का पालन करें। साथ ही जिलेवासियों में लॉक डाउन में भरपूर सहयोग मिल रह है। जिससे आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद देती हॅू। ऐसा ही सहयोग जिलेवासियों द्वारा मिलता रहे।

सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने पर पार्टी में शुरू हुआ आरोप - प्रत्यारोप !

पूर्व कोंग्रेस से गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद पार्टी के अंदर घमासान मचा हुआ है। एक तरफ जहां कांग्रेस के कई नेता सिंधिया को खुलेआम कोस रहे हैं। वहीं कई ऐसे भी कांग्रेसी नेता हैं जो दबी जुबान से सिंधिया के कदम का समर्थन कर रहे हैं। 

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