Delhi & NCR

जशोदाबेन का समाचार चलाने पर दूरदर्शन के अधिकारी का तबादला कालापानी !

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जशोदाबेन की खबर चलाना दूरदर्शन के एसिस्टेंट डायरेक्टर को खासा भारी पड़ गया है। अहमदाबाद दूरदर्शन में तैनात इस अधिक ारी का जशोदाबेन की खबर चलाने को लेकर तत्काल तबादला कर दिया गया है। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले को लेकर दूरदर्शन के कई अन्य अधिकारी भी सफाई देने में जुटे हैं।हाल ही में पीएम मोदी की पत्नी जशोदाबेन ने प्रशासन से अपनी सुरक्षा को लेकर आरटीआई दायर की थी। जशोदाबेन ने आरटीआई में पूछा था कि उन्हें प्रशासन की ओर से जो सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। वह किस हैसियत से दी जा रही है। अगर उन्हें ये सुविधाएं पीएम की पत्नी होने की वजह से दी जा रही है, तो फिर उन्हें और क्या-क्या सुविधाएं मिलनी चाहिएगौरतलब है कि प्रशासन ने जशोदाबेन को उनका द्वारा दायर की गई आरटीआई का जवाब देने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें जवाब देने से इनकार कर दिया था। वहीं जशोदाबेन ने इसके खिलाफ अपील भी दायर

लाला लाजपत की मूर्ति को भाजपाई "दुपट्टा",पहनाने की विपक्षियों ने की निंदा!

नई दिल्ली:बुधवार को नामांकन भरने से पूर्व भारतीय जनता पार्टी की सीएम पद की उम्मीदवार किरण बेदी ने अपने रोड शो के दौरान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की मूर्ती को भाजपा का दुपट्टा पहना दिया। पार्टी के चुनाव चिन्ह कमल के निशान वाले इस दुपट्टे के बेदी द्वारा पहनाए जाने के बाद विवाद पैदा हो गया है।बेदी रोड़ शो में अपने प्रशंसकों के साथ रोड शो में नामांकन भरने जा रही थी। तभी लाला लाजपत की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचीं। बेदी ने पहले अपने गले में पड़े पार्टी के निशान वाले दुपट्टे से मफलर से प्रतिमा का चेहरा पोंछा और फिर मूर्ती के गले में डाल दिया। जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। केजरीवाल सहित कई पार्टियों ने बेद की इस हरकत की निंदा की है।वहीं आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने न कहा कि भाजपा कम से कम स्वतंत्रता सेनानियों को तो बख्श दे। स्वतंत्रता सेनानी सभी पार्टियों के हैं।केजरीवाल के साथ ही आप नेता आशुतोष ने कहा कि आजादी की लड़ाई के वक्त आरएसएस नेता घरों में छिपे थे और

युवा हो रहे नशे का शिकार !

दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली  में युवा नशे का शिकार होते जा रहे हैं। युवा अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा शराब में खर्च कर रहे हैं। हाल में किए गए एक सर्वे में खुलासा हुआ है शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों से मामूली जुर्माना वसूलकर उन्हें छोड़ दिया जाता है। इनमें से कुछ लोग रिश्वत देकर बच भी जाते हैं।यह सर्वे विगत दिनों कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकन ड्राइविंग यानी कैड नामक संस्था ने किया है। कैड के संस्थापक प्रिंस सहगल के अनुसार 25 वर्ष से कम आयु वाले लोगों को शराब बेचने पर सख्ती से पाबंदी लगाई जाए तो सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या में अवश्य ही कमी आएगी। उनका कहना है कि शराब न पीने वाले अधिकतर लोगों का ऎसा ही मानना है। गौरतलब है कि देश में सड़क दुर्घटना में प्रतिवर्ष एक लाख 38 हजार लोगों की जान जाती है। इस आंकड़े में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की संख्या अच्छी खासी है।कम उम्र में शराब की लत के बढ़ने का एक कारण यह भी है कि यहां पब अथवा दुकान पर शराब खरीदते समय कभी किसी से आयु प्रमाणपत्र

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