Delhi & NCR

कोर्ट ने माल्या के खिलाफ जारी किया गैरजमानती वारंट

दिल्ली: पटियाला हाउस(दिल्ली) कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में शराब व्यापारी विजय माल्या के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने सरकार से फिर कहा है कि वो माल्या की भारत वापसी के लिए दबाव बनाए।कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि विजय माल्या के मन में कानून के प्रति कोई सम्मान नहीं है। उनका देश लौटने का कोई इरादा नहीं लगता। पिछली सुनवाई में पटियाला हाउस कोर्ट ने माल्या को 4 नवंबर को पेश होने का फरमान भी सुनाया था। कोर्ट ने विदेश मंत्रालय से कहा था कि वो लंदन में रह रहे माल्या को वारंट भेजें। कोर्ट ने कहा था कि बार-बार फरमान सुनाए जाने के बावजूद माल्या कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे हैं, उनकी पेशी के लिए कड़े कदम उठाए जाने की जरूरत है।गौरतलब है कि दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने 7.5 करोड़ रुपये के चेक बाउंस के मामले में माल्या के खिलाफ 4 केस दर्ज करवा चुका है। वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट माल्या को पहले ही भगोड़ा घोषि‍त कर चुका है।वहीं माल्या के वकील ने कोर्ट को बताया था कि उनके मुवक्किल देश लौटने

दिल्ली सरकार पूर्व सैनिक रामकिशन को मुआवजा में देगी एक करोड़ !

पूर्व सैनिक रामकिशन वन रैंक वन पेंशन के लिए कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले पूर्व सैनिक का गुरुवार को अंतिम संस्‍कार उनके पैतृक गांव भिवानी में किया गया।

पुलिस हिरासत में राहुल गांधी !

एक पूर्व सैनिक द्वारा आत्महत्या किए जाने के पश्चात् राहुल गांधी आरएमएल अस्‍पताल पहुंचे लेकिन उन्‍हें अंदर नहीं जाने दिया गया। काफी देर तक वहां रूके राहुल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।इन दोनों के अलावा पुलिस ने रामशंकर के परिजनों को भी हिरासत में लिया है।इस दौरान मीडिया से बात करते हुए राहुल ने कहा कि यह अलौकतांत्रिक तरीके की मानसिकता है।

"ट्रक में गईं आतंकियों की लाशें"-सर्जिकल स्ट्राइक और चश्मदीदों के बयान !

पहली बार मिली आई विटनेस डिटेल...अंग्रेजी अखबार 'द इंडियन एक्सप्रेस' की खबर के मुताबिक, ये पहली बार है कि सर्जिकल स्ट्राइक में जिन लोकेशन्स को निशाना बनाया गया, उसकी जानकारी चश्मदीदों ने मुहैया कराई है। ये वो जानकारी है जो भारत-पाक की तरफ से अभी तक पब्लिक नहीं की गई है।

कश्मीर की लड़ाई राष्ट्रवाद बनाम अलगाववाद - सांसद शमशेर सिंह मिन्हास

कश्मीर से अधिक आबादी जम्‍मू और लद्दाख में निवास करती है उनकी चर्चा क्यों नहीं होती? उनके हितों की बात क्यों नहीं होती?​जम्‍मू रीजन में बसते हैं इनमें से सात लाख युवा विभिन्न डिग्रियां लेकर भी बेरोजगार बैठे हैं क्या वे गन नहीं उठा सकते या वो भी आजादी का नारा नहीं दे सकते। नहीं, वे लोग आज भी अपने देश के साथ हैं।

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