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मेलियोइडोसिस का बढ़ता खतरनाक संक्रमण -डॉ.डी.एस.संधु

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मेलियोइडोसिस का बढ़ता खतरनाक संक्रमण ! -डॉ.डी.एस.संधु

अशोकनगर:  आज थोड़े अंतराल पश्चात अपने साथी राजेश दुबे के संस्थान पर जाना हुआ जहां वो तो नहीं मिले अलबत्ता वहां काम कर रहे लोगों से जानकारी मिली कि उनके बहनोई साहब की तबियत खराब हो ने के कारण वो बाहर गये हैं । फोन से संपर्क होने पर उन्होंने जो स्वास्थ्य समस्या बताई वो निश्चित ही चिंता जनक कहीं जा सकती है। क्योंकि इस समय मध्यप्रदेश में मेलियोइडोसिस नामक खतरनाक संक्रमण हाल ही में सक्रिय हुआ है, जो एक “वायरस” नहीं बल्कि एक गंभीर बैक्टीरिया-जनित बीमारी है।

साहित्य कला संस्कृति की अनमोल धरोहर

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अशोकनगर: भारतीय हिन्दी साहित्य जगत में आजकल जिन साहित्य सृजन धर्मियों की चर्चा आये दिन होती रहती है, उनमें एक चर्चित नाम है डॉ. दविंदर सिंह संधु जी हां हमारे  अपने बीच के ही हैं डॉ.दविंदर सिंह संधु अर्थात जिन्हें  डॉ.डी.एस.संधु के नाम से सब दूर जाना पहचाना जाता है। डॉ.संधु बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं, जिन्होंने अपनी कलम और कला के दम पर अपनी प्रतिभा के झंडे देश -विदेशों में लहराते हुए अपने शहर का नाम विभिन्न विधाओं में सृजन करते हुए रोशन किया है। फिर चाहे समकालीन हिन्दी कविताएं, कहानियां, नाटक, जनगीत, पेंटिंग्स,गायन, नृत्य, अभिनय तथा निर्देशन हो चाहे चिकित्सा का क्षेत्र से लगाकर सामाजिक विचारक, रचनात्मक पत्रकारिता एवं संपादन और समीक्षा का हो सभी क्षेत्रों में अविलंब रूप से सक्रिय भूमिका का निर्वहन करते आ रहे हैं।

इयूका का उड़ीसा में शताब्दी वर्ष एवं सम्मान समारोह आयोजित

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इयूका का उड़ीसा में शताब्दी वर्ष एवं सम्मान समारोह आयोजित*
बरपाली (उड़ीसा): भारतीय नौजवान सांस्कृतिक संघ ( इयूका) की स्थापना के 17दिसंबर 2024 मंगलवार को शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मारवाड़ी धर्मशाला बरपाली जिला बरगढ़ उड़ीसा में बहुत ही हर्षोल्लास के बीच विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों के साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय व्यक्तियों को उनके विशेष योगदानों के संबंध में अलग-अलग 17 राष्ट्र स्तरीय सम्मान इयूका ने प्रदान किये।

इयूका का उड़ीसा में शताब्दी वर्ष एवं सम्मान समारोह आयोजित

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बरपाली उड़ीसा में इयूका का शताब्दी समारोह इयूका का उड़ीसा में शताब्दी वर्ष एवं सम्मान समारोह आयोजित*

बच्चे मन के सच्चे सारे जग की आंखों के तारे -डॉ.डी.एस.संधु

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अशोकनगर: देश के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन के अवसर पर भादोन स्थित सेवालय  सोशल वर्क सेंटर में मदर सुश्री एनसिलीन की अध्यक्षता तथा डॉक्टर डी.एस. संधु सीएमडी (ग्लोरी न्यूज़) के मुख्य आतिथ्य में बहुत ही हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया।
  इस अवसर पर सेवालय परिसर में बैलून रेस, चियर रेस, क्विज़ कॉम्पिटिशन, एवं निबंध लेखन आदि प्रतियोगिताएं करवाई गईं।

चिकनगुनिया का संक्रमण सौ से भी अधिक देशों को कर रहा प्रभावित –डॉ॰डी॰ एस॰ संधु

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अशोकनागर : इन दिनों जिस तरफ भी अपनी नजर डालो उधर ही लोग सिरदर्द,बुखार,मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में सूजन, जी मिचलाना,कमजोरी के कारण थकान आदि की समस्या से पीड़ित दिखाई दे जाएंगे । जिसका प्रमुख कारण है चिकनगुनिया (CHIKV) का वायरस । अभी से पहले यहाँ चिकनगुनिया का वायरस सन 2006 में अपना प्रकोप डाल चुका है।जिसके दुष्परिणाम आज भी लोगों में देखे जा सकते हैं । कितने ही लोगों के जोड़ों में स्थायी रूप से विकृतियां आज भी मौजूद पायी जाती हैं । चिकनगुनिया क्या है? चिकनगुनिया का शाब्दिक अर्थ है "झुकना" क्योंकि यह बीमारी जोड़ों में दर्द पैदा करती है,और इसमी चपेट में आया व्यक्ति दर्द और जकड़न के कारण झुक जाता है । चिकनगुनिया (CHIKV) एक वायरस है जो मच्छरों के काटने से लोगों में फैलता है - विशेष रूप से, एडीज एजिप्टी मच्छर और एडीज एल्बोपिक्टस मच्छर के माध्यम से। चिकनगुनिया संक्रमण तब होता है जब वायरस वाला मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है। वायरस शारीरिक संपर्क या लार के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है, हालांकि रक्त संचरण संभव हो सकता है

जयपुर में डॉ.डी.एस.संधु हुए डायमंड डिग्निटी अवार्ड -2024 से सम्मानित ।

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समूह जयपुर में डॉ.डी.एस.संधु हुए डायमंड डिग्निटी अवार्ड -2024 से सम्मानित । अशोकनगर: जयपुर में सुरेश ज्ञान विहार विश्व विद्यालय, जगतपुरा के विशाल एवं वातानुकूलित सभागार में भव्या फाउंडेशन द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मैत्री सम्मेलन एवं इंडियन डायमंड डिग्निटी अवार्ड -2024 रविवार को संप

राष्ट्रमंडल खेल और भारत की स्थिति

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यह एक ऐसा उन देशों का समूह है जो किसी न किसी रूप में कभी ब्रिटेन से जुड़े रहे हैं। अर्थात राष्ट्रमंडल उन देशों का समूह है जिन  देशों पर औपनिवेशिक काल के दौरान ब्रितानी शासन था और कालांतर में ये देश स्वतंत्र हो गए। राष्ट्रमंडल के सभी 54 सदस्यों ने लोकतंत्र, लैंगिक समानता, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 में इसके सदस्य देशों और क्षेत्रों की टीमों ने हिस्सा लिया है। राष्ट्रमंडल दिवस की शुरुवात:-ब्रिटिश साम्राज्य संसार में बहुत से देशों में फैला हुआ था, किन्तु धीरे-धीरे सभी देश आजादी की तरफ बढ़  रहे थे। इन देशों को एकत्रित रखने के उद्देश्य से ही राष्ट्रमंडल दिवस मनाने की घोषणा की गई थी, क्योंकि एकता ही इस संसार में शांति कायम कर सकती है।